हरिद्वार: हरिद्वार में अदालत को गुमराह कर फर्जी तरीके से जमानत लेने वाले चार पेशेवर जमानतियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। हरिद्वार पुलिस ने थाना सिडकुल में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।

कोर्ट में सामने आया मामला
घटना 23 मार्च 2026 की है, जब जिला एवं सत्र न्यायालय हरिद्वार स्थित CJM न्यायालय में “सरकार बनाम रोशन लाल” प्रकरण की सुनवाई चल रही थी। इस दौरान चार व्यक्ति अलग-अलग अभियुक्तों की जमानत लेने के लिए अदालत में पेश हुए।
पेशेवर जमानती निकले आरोपी
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि ये सभी व्यक्ति पेशेवर जमानती हैं, जो विभिन्न मामलों में एक ही समय पर अलग-अलग अदालतों में जमानत लेते रहे हैं।
जांच में यह भी पाया गया कि—
- आरोपियों ने कई मामलों में पहले भी जमानत ली थी
- अपने शपथपत्र में इसका कोई उल्लेख नहीं किया
- अदालत के समक्ष झूठा हलफनामा प्रस्तुत किया गया
आरोपियों के नाम
मामले में जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें—
- उज्ज्वल सिंह
- नरेश प्रताप बहुगुणा
- नरेश पुत्र चंद्रमण
- कमलेश पुत्र देवी सिंह
शामिल हैं। सभी आरोपी हरिद्वार क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
दंडनीय अपराध माना गया कृत्य
अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कहा कि झूठा शपथपत्र देकर न्यायालय को गुमराह करना कानून के साथ छल है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले में थाना सिडकुल में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई को न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।