
हिमाचल प्रदेश के चौपाल से पांवटा साहिब जा रही हिमाचल रोडवेज की एक बस मंगलवार को हरिपुर-कोटी-क्वानू-मीनस राजमार्ग पर भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। सुदोई खड्ड के पास ट्रक को पास देते समय सड़क का पुश्ता अचानक ढह गया, जिसके कारण बस लगभग 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
घटना के समय बस में कुल 36 यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कालसी की ओर से आ रहे एक ट्रक को रास्ता देने के प्रयास में बस सड़क किनारे की ओर झुकी, तभी कमजोर पुश्ता टूट गया और बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
यह दुर्घटना हरिपुर-कोटी-क्वानू-मीनस राज्य राजमार्ग की बदहाल स्थिति को एक बार फिर उजागर करती है। व्यापारिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण यह 72 किलोमीटर लंबा अंतरराज्यीय मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला यह मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। लगभग 30 किलोमीटर तक यह मार्ग केवल डेढ़ लेन चौड़ा है, जबकि आगे का हिस्सा पूरी तरह सिंगल लेन है, जिससे यहां दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है।
सड़क के किनारे बने पुश्ते और रिटेनिंग वॉल भी कई स्थानों पर कमजोर हो चुके हैं। पूरे मार्ग पर क्रैश बैरियर की भारी कमी है, जिसके कारण हर साल इस सड़क पर कई गंभीर हादसे होते हैं और लोग असमय जान गंवाते हैं। बावजूद इसके, मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा सुधार को लेकर अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
जौनसार-बावर क्षेत्र के प्रवेश द्वार हरिपुर कालसी से होकर गुजरने वाला यह मार्ग देश की प्रमुख जल विद्युत परियोजनाओं – छिबरौ, कोटी और इच्छाड़ी – को जोड़ता है। इस मार्ग से दिन-रात बड़ी संख्या में निजी और यात्री वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के त्यूणी-बावर तथा हिमाचल प्रदेश के शिमला, रोहड़ू जैसे प्रमुख सेब उत्पादक क्षेत्रों से किसान और बागवान अपनी नकदी फसलें लेकर इसी मार्ग से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और दिल्ली की मंडियों तक पहुंचते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस मार्ग की मरम्मत और चौड़ीकरण का कार्य किया गया होता, तो इस तरह के हादसों को रोका जा सकता था। क्षेत्रवासियों ने सरकार और संबंधित विभागों से जल्द से जल्द सड़क की हालत सुधारने और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है।