ऐतिहासिक शपथ: नेपाल की सत्ता में युवा ‘बालेन’ युग का आगाज, सांस्कृतिक संगम ने जीता सबका दिल.

काठमांडू | शुक्रवार, 27 मार्च 2026
नेपाल के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया सूरज उगा है। 35 वर्षीय बालेंद्र शाह, जिन्हें दुनिया ‘बालेन’ के नाम से जानती है, ने देश के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन ‘शीतल निवास’ में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें शपथ दिलाई।
बालेन शाह न केवल नेपाल के अब तक के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने हैं, बल्कि वे मधेशी समुदाय से देश के शीर्ष कार्यकारी पद पर पहुँचने वाले पहले नेता भी हैं।
![]()
चुनावी जीत ने बदली देश की दिशा
बालेन शाह की पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने हाल ही में संपन्न हुए आम चुनावों में भारी बहुमत हासिल किया है। प्रतिनिधि सभा की 275 सीटों में से उनकी पार्टी ने अकेले 182 सीटों पर जीत दर्ज कर पारंपरिक राजनीतिक दलों का वर्चस्व खत्म कर दिया। बालेन ने खुद झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया था।
रैपर से प्रधानमंत्री तक का सफर
एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर और मशहूर रैप आर्टिस्ट से राजनेता बने बालेन शाह का उत्थान किसी फिल्म की कहानी जैसा है। 2022 में काठमांडू के मेयर के रूप में उनकी कार्यशैली ने युवाओं के बीच उन्हें एक ‘आइकन’ बना दिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो-टॉलरेंस नीति और व्यवस्था परिवर्तन के वादे ने देश की ‘जेन-जी’ (Gen Z) पीढ़ी को उनसे गहराई से
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह को बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर श्री बालेंद्र शाह को हार्दिक बधाई। मैं भारत-नेपाल मित्रता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।” सिंगापुर और अन्य पड़ोसी देशों के नेताओं ने भी इस नई शुरुआत की सराहना की है।
भविष्य की चुनौतियां
शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री शाह सीधे ‘सिंह दरबार’ स्थित अपने कार्यालय पहुँचे। उनके सामने अब एक स्थिर सरकार चलाने, आर्थिक सुधारों को गति देने और युवाओं की उच्च आकांक्षाओं को पूरा करने की बड़ी चुनौती है। उन्होंने संकेत दिया है कि उनका मंत्रिमंडल छोटा और विशेषज्ञों से भरा होगा।