New Delhi

उपभोक्ता सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम: सुप्रीम कोर्ट का एफएसएसएआई को न्यूट्रिशन लेबल निर्देश

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को पैक्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबल लागू करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिवसेना सांसद और संसद की अधीनस्थ विधायी समिति के अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से साझा की है।

इस निर्देश के तहत, अब सभी पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक (एफओपी) पोषण लेबल अनिवार्य होगा। यह लेबल खाद्य पदार्थों के पैकेज के सामने की तरफ दी गई जानकारी है, जो उपभोक्ताओं को यह समझने में मदद करती है कि कोई उत्पाद कितना स्वस्थ है। यह जानकारी सरल, संक्षिप्त और ग्राफिक प्रारूप में प्रस्तुत की जाती है, जिसमें रंग-कोडित प्रणाली या प्रतीकों का उपयोग किया जाता है।

यह निर्देश उस समय आया है जब देश में जंक फूड और प्रोसेसड फूड के बढ़ते सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। न्यूट्रिशन लेबल से उपभोक्ता आसानी से समझ सकेंगे कि उनके द्वारा खरीदे जा रहे उत्पाद में कितनी चीनी, नमक, फैट और अन्य पोषक तत्व हैं। इससे लोग बेहतर और सूचित निर्णय ले सकेंगे और अपने स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों से बच सकेंगे।

एफएसएसएआई एक स्वायत्त निकाय है जो भारत में खाद्य सुरक्षा और मानकों को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। यह सुनिश्चित करता है कि देश में बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थ सुरक्षित और स्वस्थ हों। अब इस निर्देश के बाद एफएसएसएआई को निर्धारित समय सीमा के भीतर इस व्यवस्था को लागू करना होगा।

यह निर्णय न केवल उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगा बल्कि खाद्य निर्माता कंपनियों को भी अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रेरित करेगा। जब उपभोक्ता आसानी से उत्पादों की पोषण संबंधी जानकारी देख सकेंगे, तो कंपनियां स्वस्थ विकल्प बनाने के लिए प्रेरित होंगी। इस प्रकार यह निर्देश भारत में खाद्य उद्योग में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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