
देहरादून | 2 जनवरी 2026: उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। अब राज्य में स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली की दरें तय होंगी। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने स्मार्ट मीटर से प्राप्त डेटा के आधार पर ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव नियामक आयोग के समक्ष रखा है।
इस नई व्यवस्था के तहत जिस समय बिजली की मांग अधिक होगी, उस दौरान बिजली की दरें ज्यादा होंगी, जबकि कम मांग के समय बिजली सस्ती मिलेगी। इसका उद्देश्य बिजली खपत को संतुलित करना और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
UPCL के प्रस्ताव के अनुसार यह टैरिफ प्रणाली वर्ष 2027-28 से कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर लागू की जाएगी। स्मार्ट मीटर से मिलने वाले रियल-टाइम डेटा के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस समय बिजली की दरें बढ़ेंगी और कब घटेंगी।
अधिकारियों के मुताबिक, पीक आवर यानी सुबह और शाम के समय जब बिजली की खपत अधिक होती है, उस दौरान दरें ज्यादा रहेंगी। वहीं, रात या कम खपत वाले समय में बिजली सस्ती होगी। इससे उपभोक्ताओं को भी यह प्रोत्साहन मिलेगा कि वे अधिक बिजली खपत वाले कार्य गैर-पीक आवर में करें।
इस प्रस्ताव पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। आयोग की स्वीकृति के बाद ही इस प्रणाली को अंतिम रूप दिया जाएगा।
UPCL का मानना है कि स्मार्ट मीटर आधारित टैरिफ से बिजली की चोरी पर रोक लगेगी, मांग और आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन होगा और उपभोक्ताओं में ऊर्जा बचत की जागरूकता भी बढ़ेगी।