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भारत–यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक समझौता, ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर लगी मुहर

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (European Union) के बीच आज एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित समझौते पर मुहर लग गई। लंबी बातचीत और कई दौर की चर्चा के बाद इस बड़ी डील को अंतिम रूप दिया गया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। यह समझौता न केवल आर्थिक दृष्टि से, बल्कि रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत और यूरोपीय संघ मिलकर विश्व व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा और दुनिया की कुल आबादी का करीब 25 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में यह साझेदारी दोनों पक्षों के बढ़ते आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक महत्व को दर्शाती है।

समझौते के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका आधिकारिक ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ के नेता एंटोनियो कोस्टा को ‘लिस्बन का गांधी’ कहा जाता है। उन्होंने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ ने मिलकर करीब दो अरब लोगों का एक फ्री ट्रेड जोन तैयार किया है, जिससे दोनों पक्षों को व्यापक लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “यह सिर्फ एक ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का ब्लू प्रिंट है। इससे स्थिरता को मजबूती मिलेगी और हमारी रणनीतिक साझेदारी और सशक्त होगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

पीएम मोदी ने बताया कि इस डील से रक्षा कंपनियों को नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही कृषि, क्लीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी और निवेश जैसे क्षेत्रों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते के तहत कई वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों पक्षों के बीच सार्थक बातचीत हुई है।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  ट्विटर पर लिखा था कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ यह समझौता लोगों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा। उन्होंने इसे दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच पार्टनरशिप का आदर्श उदाहरण बताया।

यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने इस समझौते को एक ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों पक्षों को नए-नए अवसर मिलेंगे। कोस्टा ने भावुक होते हुए कहा कि वह न केवल यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष हैं, बल्कि एक ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया था। यूरोप और भारत के बीच का यह रिश्ता मेरे लिए व्यक्तिगत भी है।” उन्होंने गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया और भारत की क्षमताओं की सराहना की।

एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि आज का दिन ट्रेड, सुरक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है। यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका दूरगामी असर देखने को मिलेगा।

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