
देहरादून: पूरा विश्व जानता है कि पाकिस्तान की धरती वर्षों से आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह बनी हुई है। लेकिन अब भारत ने इस आतंकवाद के तंत्र को जड़ से हिलाने के लिए निर्णायक कदम उठाया है। भारतीय सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकियों के ठिकानों पर सटीक और सर्जिकल हमले किए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर – संक्षिप्त विवरण:
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बयसारन वैली में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ (The Resistance Front) ने ली थी। हमले के दो सप्ताह बाद, 7 मई की रात, भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई में 9 प्रमुख आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए और लगभग 80 से 90 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। यह 1971 के बाद पहली बार है जब तीनों सेनाओं ने मिलकर इतनी बड़ी जवाबी कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिक्रिया:
इस ऑपरेशन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:“भारत की वीर सेना ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यह नया भारत अब आतंक को सहन नहीं करता, सीधे जवाब देता है। ऑपरेशन सिंदूर हमारी सैन्य शक्ति, रणनीतिक सोच और राजनीतिक संकल्प का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारी सशस्त्र सेनाओं को इस साहसिक कदम के लिए मैं सलाम करता हूँ।”पूरा देश आज भारतीय सेना के साहस, समर्पण और शौर्य पर गर्व महसूस कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब किसी भी आतंकी हमले का जवाब सीमाओं से परे जाकर देगा — सटीक, कठोर और निर्णायक रूप से।
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