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ईरान-इजराइल युद्ध: अमेरिकी हमले में सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के आसार.

तेहरान/वॉशिंगटन: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हमलों ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। युद्ध के दूसरे दिन यानी रविवार को यह पुख्ता हो गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) आयतुल्लाह अली खामेनेई एक अमेरिकी हमले में मारे गए हैं।

ईरानी मीडिया ने भी अब आधिकारिक तौर पर खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है। इस हमले में न केवल खामेनेई, बल्कि उनके परिवार के कई सदस्य और ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी भी मारे गए हैं।

​प्रमुख घटनाक्रम: एक नज़र में

​शीर्ष नेतृत्व का सफाया: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के मुताबिक, हमले में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद और नाती भी मारे गए हैं।

​सैन्य क्षति: ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की भी हमले में मौत हो गई है।

​नया नेतृत्व: संकट की इस घड़ी में अहमद वाहिदी को ईरानी सेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है।

​जवाबी कार्रवाई: ईरान ने इजराइल पर कई मिसाइलें दागी हैं, जिसके बाद यरुशलम में युद्ध के सायरन गूंज उठे।

​ईरान में 40 दिनों का शोक और सुरक्षा अलर्ट

​सर्वोच्च नेता की मौत के बाद ईरान में 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके हुए हैं। तेहरान और इस्फ़हान जैसे बड़े शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए पूरे ईरान में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।

​कैसे चुना जाएगा अगला सुप्रीम लीडर?

​खामेनेई के निधन के बाद अब ईरान के उत्तराधिकार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और ज्यूडिशियरी चीफ की एक लीडरशिप काउंसिल अस्थायी रूप से कमान संभाल रही है।

​प्रक्रिया: ईरान के नियमों के अनुसार, 88 सदस्यीय ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ (शिया मौलवियों का पैनल) जल्द ही नए सुप्रीम लीडर का चुनाव करेगा।

​क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय असर

​गर्ल्स स्कूल पर हमला: दक्षिणी ईरान के मिनाब काउंटी में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 148 हो गई है। रेड क्रिसेंट के मुताबिक अब तक कुल 201 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

​बहरीन एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक: ईरान समर्थक गुटों ने बहरीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ड्रोन से निशाना बनाया है, जिससे वहां संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

​भारतीय छात्र फंसे: युद्ध के कारण एयरस्पेस बंद होने से महाराष्ट्र (पुणे) के 84 MBA छात्र दुबई में फंस गए हैं। भारत का विदेश मंत्रालय उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए संपर्क में है।

​ट्रंप की चेतावनी: राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान ने कोई बड़ा हमला किया, तो अमेरिका ऐसी जवाबी कार्रवाई करेगा जो पहले कभी नहीं देखी गई।

​आगे क्या होगा?

ईरान की जवाबी कार्रवाई और अमेरिका की सख्त चेतावनी के बीच यह संघर्ष एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले कदम और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर टिकी हैं।

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