किश्तवाड़:30 घंटे मलबे में दबे रहने के बाद जिंदा निकले लंगर संचालक सुभाष चंद्र

किश्तवाड़ : चिशोती गांव में एक अविश्वसनीय घटना घटी है जिसे स्थानीय लोग मचैल माता का चमत्कार मान रहे हैं। बादल फटने और बाढ़ की विनाशकारी घटना के बाद लगभग 30 घंटे तक मलबे के नीचे दबे रहने के बावजूद लंगर संचालक सुभाष चंद्र को जीवित बचा लिया गया है। सुभाष वर्षों से मचैल माता मंदिर के तीर्थयात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था करते आए हैं, जहां हजारों श्रद्धालु भोजन ग्रहण करने और विश्राम करने आते थे।
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 60 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और कई लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल लगातार बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। स्थानीय नेता सुनील शर्मा ने बताया कि यहां एक पुरानी मान्यता है कि “जिसे मचैल माता की कृपा मिलती है, उसे कोई हानि नहीं पहुंचा सकती।” सुभाष के चमत्कारिक रूप से बच जाने से यह विश्वास और मजबूत हो गया है।
सुनील शर्मा ने आशा व्यक्त की कि सुभाष जल्द ही अपनी सेवा पुनः शुरू करेंगे और मंदिर आने वाले भक्तों की सेवा करना जारी रखेंगे, जो उनके लिए जीवन का सबसे बड़ा उपहार है।