कोटद्वार ‘बाबा’ विवाद: बुजुर्ग को बचाने वाले दीपक ने फिर जीता दिल; इनाम के 2 लाख रुपये अंकिता भंडारी के परिवार को देने का ऐलान.
कोटद्वार/पौड़ी (7 फरवरी 2026): उत्तराखंड के कोटद्वार में एक दुकान के नाम (‘बाबा’) को लेकर हुए विवाद में इंसानियत की मिसाल पेश करने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार (उर्फ मोहम्मद दीपक) ने एक और बड़ा ऐलान कर सबका दिल जीत लिया है। दीपक ने घोषणा की है कि उन्हें इनाम या सम्मान के रूप में जो भी धनराशि मिलेगी, वह उसका व्यक्तिगत उपयोग नहीं करेंगे, बल्कि उसे स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता-पिता और अन्य जरूरतमंदों की मदद के लिए दान करेंगे।

झारखंड सरकार ने की थी 2 लाख की घोषणा दीपक कुमार के साहसिक कदम की चर्चा पूरे देश में हो रही है। इसी क्रम में झारखंड सरकार के एक मंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए दीपक के साहस को सलाम करते हुए उन्हें 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक ने कहा, “मुझे सोशल मीडिया से पता चला कि मुझे इनाम दिया जा रहा है। मैंने तय किया है कि यह पैसा मैं अपने पास नहीं रखूंगा। मैं इसे अंकिता भंडारी के न्याय की लड़ाई लड़ रहे उनके परिवार और समाज के गरीब, असहाय लोगों की सेवा में लगाऊंगा।”
कोटद्वार में एक विशेष समुदाय के बुजुर्ग व्यक्ति की दुकान का नाम ‘बाबा’ होने पर कुछ संगठनों ने आपत्ति जताई थी और नाम हटाने का दबाव बना रहे थे। उस तनावपूर्ण माहौल में जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने भीड़ के सामने आकर बुजुर्ग का बचाव किया था। उन्होंने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हुए भाईचारे का संदेश दिया था, जिसके बाद वे रातों-रात सोशल मीडिया पर छा गए।
राहुल गांधी और ओवैसी ने भी की तारीफ दीपक का यह वीडियो वायरल होने के बाद देश के बड़े नेताओं ने उनकी तारीफ की है।
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राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष): उन्होंने दीपक के जज्बे को नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान बताया।
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असदुद्दीन ओवैसी और इमरान प्रतापगढ़ी: इन्होंने भी दीपक के साहस की सराहना की है। हालांकि, इस घटना को लेकर उत्तराखंड में राजनीति भी तेज हो गई है, लेकिन दीपक के इस नए फैसले (दान करने) ने आलोचकों का भी मुंह बंद कर दिया है।