लक्सर: आधी रात घर में घुसे मगरमच्छ से लक्सर में मचा हड़कंप, वन विभाग की तत्परता से टली बड़ी दुर्घटना

लक्सर: दाबकी महेश्वरी गांव में बुधवार देर रात एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे गांव में दहशत का माहौल बना दिया। रात करीब एक बजे अचानक एक विशालकाय मगरमच्छ एक ग्रामीण के घर के मुख्य दरवाजे से घुस आया। परिवार के सदस्यों के होश उड़ गए जब उन्होंने इस भयानक जीव को अपने घर के अंदर देखा।
घर के सदस्यों की चीखों और शोर-गुल से आसपास के लोग भी जाग गए और तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। हालांकि सभी लोग डरे हुए थे, लेकिन किसी ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत वन प्रभाग को इस घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही वनकर्मी गुरजंट सिंह अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ रात्रि लगभग 2 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। रात के घने अंधेरे और मगरमच्छ के विशाल आकार के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। इतने बड़े और खतरनाक जानवर को पकड़ना आसान काम नहीं था, खासकर जब वह किसी के घर के अंदर हो। लेकिन टीम की कड़ी मेहनत, धैर्य और पेशेवर सावधानी के साथ वे मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ने में सफल हुए।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान न तो इंसानों को कोई नुकसान पहुंचा और न ही जानवर को। गांव के लोगों ने गुरजंट सिंह और उनकी टीम के साहसिक कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
रेंज अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची होती तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। उन्होंने वन विभाग की त्वरित कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी स्थितियों में विभाग की तत्परता जीवन और मृत्यु के बीच अंतर कर सकती है।
यह घटना इस क्षेत्र में पहली बार नहीं है। इससे पहले भी गिद्दावाली गांव में हड़कंप मच गया था जब एक विशालकाय मगरमच्छ एक ग्रामीण के घर में घुसकर आराम करता नजर आया था। यह चिंताजनक पैटर्न दर्शाता है कि मगरमच्छ अब इंसानी बस्तियों की तरफ ज्यादा आ रहे हैं, जिसके कारणों की जांच करना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण, जल स्रोतों में कमी, और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण ये जानवर भोजन और पानी की तलाश में इंसानी बस्तियों में आने को मजबूर हैं। ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी घटना की तुरंत रिपोर्ट करें और खुद से कोई कार्रवाई न करें।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा था। लेकिन वन विभाग की प्रशिक्षित टीम की मौजूदगी से उन्हें यह भरोसा मिला है कि ऐसी आपातकालीन स्थितियों में उन्हें सही समय पर मदद मिल सकती है।