
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य केंद्र वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाला महाकुंभ और नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत चल रही महत्वपूर्ण परियोजनाएं रहीं। मुख्यमंत्री ने कुंभ को ‘दिव्य और भव्य’ बनाने के संकल्प के साथ केंद्र से सहयोग का आह्वान किया।

गंगा की निर्मलता के लिए 408 करोड़ का प्रस्ताव
बैठक के दौरान सीएम धामी ने हरिद्वार कुंभ के सफल और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित आयोजन पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के तहत 408.82 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जिसके लिए गंगा की निर्मलता और स्वच्छता बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
किसानों और पेयजल के लिए बड़ी मांग
सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन और कृषि सुधार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विस्तृत चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से निम्नलिखित प्रमुख मांगों को साझा किया: बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए ₹253 करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी। इकबालपुर नहर प्रणाली, कनखल और जगजीतपुर नहर की क्षमता बढ़ाने का अनुरोध। इससे लगभग 665 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा, जिससे हरिद्वार के भगवानपुर और लक्सर क्षेत्र की 13 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। जल जीवन मिशन: राज्य में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त बजटीय सहायता।
कुंभ 2027: एक ‘दिव्य’ अनुभव का संकल्प
मुख्यमंत्री ने भेंट के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हरिद्वार कुंभ 2027 को ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र के सहयोग से गंगा संरक्षण के लक्ष्य को और अधिक मजबूती मिलेगी और आने वाले श्रद्धालु उत्तराखंड से एक सुखद व आध्यात्मिक अनुभव लेकर लौटेंगे।
संबंधित जानकारी: हाल ही में मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में ₹234 करोड़ की 34 विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया है, ताकि कुंभ से पहले बुनियादी ढांचे को दुरुस्त किया जा सके।
Dhami meets Union Minister CR Patil इस वीडियो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात और कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर हुई महत्वपूर्ण चर्चा का विवरण दिया गया है।