रुद्रपुर: स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने 9 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी की. इस दौरान नियमों के उल्लंघन पर एक अस्पताल की दो अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील कर दिया गया. यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल के निर्देशों के अनुपालन में की गई, जिसका उद्देश्य पीसीपीएनडीटी एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है.

अभियान का नेतृत्व नोडल अधिकारी डॉ. एसपी सिंह और प्रभारी नायब तहसीलदार राधेश्याम राणा ने संयुक्त रूप से किया. उनके साथ राजस्व विभाग से लेखपाल अमित पांडे, सामाजिक क्षेत्र की विशेषज्ञ बिंदु वासिनी, जिला समन्वयक प्रदीप महर और अधिशासी सहायक गोपाल आर्य भी मौजूद रहे. टीम ने पूरे क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन जांच की. कार्रवाई के दौरान कुल 9 केंद्रों का निरीक्षण किया गया.
टीम ने इन सभी केंद्रों में अभिलेखों की जांच, फॉर्म-F के रख-रखाव, मरीजों से संबंधित दस्तावेजों का मिलान और आवश्यक सूचनाओं की उपलब्धता को बारीकी से परखा. निरीक्षण के दौरान एक चिकित्सालय में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. यहां दो अल्ट्रासाउंड मशीनें मौजूद थीं, लेकिन मौके पर कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं था और मशीनों का उपयोग नहीं किया जा रहा था. नियमों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने दोनों मशीनों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. साथ ही अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि भविष्य में केवल अधिकृत विशेषज्ञ की उपस्थिति में ही मशीनों के संचालन की अनुमति दी जाएगी.
डॉक्टर के के अग्रवाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर बुराई को समाप्त करना है. PCPNDT Act के तहत लिंग जांच पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके उल्लंघन पर सख्त दंड का प्रावधान है.अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि सभी स्वास्थ्य संस्थान नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर रोक लगाई जा सके. इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. वहीं स्वास्थ्य संस्थानों को सख्त संदेश दिया गया है कि नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.