
देहरादून, 30 दिसंबर 2025: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख़्त और निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में बिना स्वीकृति तथा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे दो बड़े अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई शहरी नियोजन, जनसुरक्षा और सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
एमडीडीए द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में कुछ भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा था। संबंधित मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी करने एवं निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि एमडीडीए क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध, अनियोजित या नियमविरुद्ध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के अंतर्गत कैलाशवीर सिंह द्वारा गंगा इन्क्लेव, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में किए जा रहे अवैध बहुमंज़िला निर्माण को सील किया गया। इसके साथ ही भरत सिंह द्वारा कुलहान, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में किए गए अवैध व्यावसायिक निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। दोनों ही मामलों में निर्माण कार्य बिना वैध स्वीकृति तथा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत पाया गया।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण शहर की आधारभूत संरचना, यातायात व्यवस्था, पर्यावरण संतुलन और आपदा प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती बनते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुनियोजित और नियमबद्ध शहरी विकास सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति नियमों की अनदेखी करता है तो उसके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान और अधिक तेज़ किया जाएगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में की गई यह सीलिंग की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार एवं सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुरूप की गई है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर भवन स्वामियों को नियमों के पालन हेतु अवसर प्रदान किया जाता है, लेकिन इसके बाद भी यदि अवैध निर्माण जारी रहता है तो कार्रवाई अनिवार्य हो जाती है।
सचिव ने आम नागरिकों, भवन स्वामियों और डेवलपर्स से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें, ताकि कानूनी परेशानियों से बचा जा सके और शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित हो।
यह सीलिंग कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में संपन्न की गई। कार्रवाई सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता गौरव तोमर, संबंधित सुपरवाइज़र एवं पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से पूरी की गई। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने दोहराया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। एमडीडीए का लक्ष्य देहरादून और मसूरी क्षेत्र में पारदर्शी, सुरक्षित और सुनियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें आमजन का सहयोग आवश्यक है।