ऋषिकेश में अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, 11 बहुमंजिले भवन सील

देहरादून:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एमडीडीए की टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में 11 बहुमंजिले अवैध निर्माणों को सील कर दिया है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनधिकृत निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह कार्रवाई एमडीडीए के सचिव महोदय द्वारा गठित टीम के नेतृत्व में संयुक्त सचिव के निर्देशन में संपन्न हुई। मुख्य रूप से ऋषिकेश शहर के अखंड आश्रम गली नंबर-4, आवास विकास के समीप, और विस्थापित गली नंबर 10 व 11 में स्थित बहुमंजिला इमारतों पर कार्रवाई की गई। विशेष रूप से गली नंबर-10, निर्मल बाग बी, विरशानित में लगभग 20×30 फीट क्षेत्रफल में भू-तल से लेकर तृतीय तल तक बिना स्वीकृति का निर्माण पाया गया, जो उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 का स्पष्ट उल्लंघन था।
प्राधिकरण ने सभी निर्माणकर्ताओं को पहले नोटिस जारी किए थे, लेकिन समयावधि में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 25 अगस्त 2025 को अंतिम अवसर दिया गया। इसके बावजूद भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर एमडीडीए ने पुलिस बल की उपस्थिति में इन भवनों को सील कर दिया।
मुख्य सीलिंग के मामले:
निर्मल बाग क्षेत्र में कई मामले: मनीष अग्रवाल द्वारा 30×70 फीट क्षेत्र में प्रथम और द्वितीय तल का अवैध निर्माण, रघुन शर्मा का 30×50 फीट क्षेत्र में भू-तल और प्रथम तल का निर्माण, रवि का 30×40 फीट में तीन मंजिला निर्माण, और विपिन चौधरी द्वारा 30×100 फीट क्षेत्र में स्कूल और कॉलोनी का अवैध निर्माण शामिल है।
अन्य महत्वपूर्ण मामले: वीरभद्र रोड पर प्रदीप दुबे का अवैध निर्माण, हरिद्वार रोड कोयल ग्रांट में स्वामी दयानंद महाराज जी का मानचित्र के विपरीत निर्माण, रेड फोर्ट रोड पर सुरेंद्र सिंह बिष्ट का 25×60 फीट पर तृतीय तल का निर्माण, और होटल गंगा अशोक के पास अनीता पुजारा द्वारा 26×50 फीट पर कॉलोनी निर्माण भी सील किए गए।
उपाध्यक्ष तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति मानचित्र स्वीकृति के बिना अवैध निर्माण करेगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और एमडीडीए क्षेत्र के अंतर्गत नियमों का उल्लंघन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।