एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आज शहरी क्षेत्रों में व्याप्त अवैध निर्माण और प्लॉटिंग गतिविधियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान देहरादून और ऋषिकेश के कई स्थानों पर अवैध भवनों को ध्वस्त किया गया और कई निर्माण स्थलों को सील किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने और अवैध निर्माणकर्ताओं को एक स्पष्ट संदेश देने के उद्देश्य से चलाया गया। एमडीडीए की टीमों ने पूर्व सूचना और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों पर व्यापक कार्रवाई की।
ऋषिकेश के बीरभद्र रोड स्थित न्यू आवास विकास कॉलोनी में दुष्यंत सेठी द्वारा हरि रेजीडेंसी के निकट अवैध रूप से निर्मित बहुमंजिला भवन को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई में सहायक अभियंता शशांक सक्सेना सहित कई अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा।
देहरादून के रूपनगर बद्रीपुर क्षेत्र में आशोक कुकसाल द्वारा लगभग 5 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त छिदरवाला में भूषण कुमार द्वारा किए गए अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया, जबकि ऋषि विहार में नज़ीर अहमद के अवैध व्यावसायिक निर्माण पर भी संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशानुसार कार्रवाई की गई।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस अवसर पर स्पष्ट रूप से कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण का मुख्य लक्ष्य एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और टिकाऊ शहरी वातावरण सुनिश्चित करना है।
तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों की अवहेलना करने वालों पर भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति प्राप्त करें और कानून का पूर्ण पालन करें।
यह कार्रवाई एमडीडीए की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत शहरी नियोजन और विकास के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां नियमित रूप से जारी रहेंगी।