
देहरादून | 11 फरवरी 2026: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया। कार्रवाई के तहत करीब 25 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि एक अवैध निर्माण पर सीलिंग की गई।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उत्तराखंड शहरी एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत, पूर्व में जारी नोटिसों के अनुपालन में की गई है। सुनियोजित विकास, आधारभूत संरचना की सुरक्षा और आमजन के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई में 10 बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राप्त शिकायतों और निरीक्षण के बाद पाया गया कि जावेद, डेविड व अन्य व्यक्तियों द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृत मानचित्र और वैधानिक अनुमति के प्लॉटिंग की जा रही थी। नोटिस के बावजूद कार्य बंद न करने पर प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, प्लॉट सीमांकन और अन्य संरचनात्मक कार्यों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अभियंताओं व पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न की गई।
ढकरानी, हरबर्टपुर में 10–15 बीघा पर कार्रवाई
पांवटा रोड स्थित ढकरानी हॉस्पिटल के पीछे हरबर्टपुर क्षेत्र में अतुल विकास और त्यागी द्वारा 10 से 15 बीघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग की पुष्टि होने पर प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाए। नोटिस के बाद भी अवैध गतिविधियां जारी रहने पर संयुक्त टीम ने अवैध मार्ग निर्माण और प्लॉट चिन्हांकन को ध्वस्त किया।
सेवला कला में अवैध निर्माण सील
चन्द्र परिसर, सेवला कला में नितिन चौहान द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किए जाने पर संयुक्त सचिव के आदेशानुसार भवन को सील कर दिया गया। परिसर को अग्रिम आदेशों तक बंद कर दिया गया है।
उपाध्यक्ष की अपील
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण शहरी व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ आमजन की गाढ़ी कमाई को भी जोखिम में डालते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भूखंड खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें और अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें।
सचिव का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई का खर्च भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा।
प्राधिकरण ने दोहराया कि बिना मानचित्र स्वीकृति और विधिक अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण पूरी तरह अवैध है। सुनियोजित, सुरक्षित और पारदर्शी विकास के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।