
नैनीताल: रविवार रात आए तेज आंधी-तूफान के बाद नैनीताल शहर पिछले करीब 40 घंटे से बिजली संकट से जूझ रहा है। खराब मौसम के चलते पेड़ गिरने, बिजली के पोल टूटने और लाइनें क्षतिग्रस्त होने से पूरे शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई।
सोमवार शाम को ऊर्जा निगम की टीमों ने मरम्मत कार्य करते हुए कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल की, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। हालांकि यह राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी और मुख्य लाइन में अचानक ब्रेकडाउन हो जाने से एक बार फिर पूरा शहर अंधेरे में डूब गया।
जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
लगातार बिजली गुल रहने से शहरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने से लोगों के लिए संपर्क बनाए रखना मुश्किल हो गया है, जबकि इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हैं। घरों में पानी की सप्लाई, छोटे कारोबार और दैनिक गतिविधियां भी ठप पड़ गई हैं।
पर्यटन कारोबार पर पड़ा असर
नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल पर बिजली संकट का सीधा असर पर्यटन व्यवसाय पर देखने को मिल रहा है। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं, जिससे पर्यटकों को भी असुविधा झेलनी पड़ रही है। कई जगहों पर बैकअप व्यवस्था भी जवाब दे चुकी है।
मरम्मत कार्य जारी, लेकिन बहाली में देरी
ऊर्जा निगम के कर्मचारी लगातार क्षतिग्रस्त लाइनों और पोल की मरम्मत में जुटे हैं, लेकिन मौसम और तकनीकी दिक्कतों के कारण काम में बाधा आ रही है। मुख्य लाइन में आई खराबी को दूर करने के प्रयास जारी हैं।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
40 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की ओर से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे समस्या और लंबी खिंच गई।
फिलहाल शहरवासी बिजली बहाली का इंतजार कर रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि जल्द से जल्द आपूर्ति सामान्य करने के लिए टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं।