उत्तराखंडसामाजिक

यति रामस्वरुपानन्द सरस्वती ने लगाया आरोप कहा कि हिन्दू के स्वाभिमान से जीने के अधिकार को इस्लामिक जिहादियों, गद्दार नेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलकर छीन लिया है

देहरादून 

‘हिन्दू के स्वाभिमान से जीने के अधिकार को इस्लामिक जिहादियों ने, गद्दार नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलकर छीन लिया- यति रामस्वरुपानन्द सरस्वती महाराज व यति परमात्मानंद सरस्वती महाराज शिष्य यति नरसिंहानंद गिरी महाराज पंचदशनाम जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर

पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखा। मुख्यमंत्री आपने इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए लव जिहाद एवं लैंड जिहाद पर जो कार्यवाही की है वह अतुलनीय एवं ऐतिहासिक दृढ़ है आपके इन कार्यों के लिए हम आपको कोटि-कोटि नमन करते हैं मुख्यमंत्री उत्तराखंड देवभूमि है एवं सनातन का उद्गम स्थल है और करोड़ों सनातनीयों के लिए पूज्य और वंदनीय भूमि है लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस्लाम के जिहादियों द्वारा देवभूमि को अपवित्र एवं कलंकित करने का कार्य किया जा रहा है जिससे सनातन के मानने वालों में गहरी पीड़ा एवं वेदना है देवभूमि उत्तराखंड को बचाने के लिए देवभूमि के अंदर इस्लाम के जिहाद पर पूर्ण प्रतिबंध लगना अति आवश्यक है साथ ही मजार मस्जिद और मदरसों को देवभूमि से तुरंत हटाया जाना अति आवश्यक है क्योंकि आज इस्लाम दुनिया और मानवता के साथ क्या कर रहा है। मोहम्मद के जीवन, उसकी पवित्र पुस्तक कुरान और इस्लाम के इतिहास को बहुत मेहनत के साथ पढ़ा है। एक बात सबके संज्ञान में लानी अति आवश्यक है कि ये सब जिन पुस्तकों से पढ़ा है, उनमें से एक भी पुस्तक हम हिन्दुओ ने नही लिखी थी। ये वास्तव में कौन और क्या था? उसकी वास्तविक शिक्षाएं क्या थी? आज सम्पूर्ण विश्व में जो हो रहा है,इसमें मोहम्मद उसकी शिक्षाओं की क्या भूमिका है? सम्पूक्षाएं जनतिक व्यवस्था, पुलिस प्रशासन इस तमाशे को देख रही है और इसका पूर्ण आंनद ले रही है। आज जो कुछ उनके साथ हो रहा है, उससे हजारों गुना बुरा कई बार आजादी के बाद हिन्दुओं के साथ हुआ पर कभी भी ना तो हिन्दुओ की रक्षा हुई और ना ही कभी हिन्दुओं को न्याय मिला। आज स्थिति ये है कि भारत में हिन्दुओ के सम्पूर्ण नरसंहार की योजनाएं पूर्ण होने वाली हैं। बढ़ती हुई जिहादियों की मारक जनसंख्या ने यह तय कर दिया है कि 2029 में भारत का प्रधानमंत्री कोई जिहादी होगा। अगर यह 2029 में किसी महान ईश्वरीय कृपा से नही हो पाया तो 2034 में हर हाल में होगा। उसके बाद भारत का हाल भी सीरिया,अफगानिस्तान, पाकिस्तान और इराक जैसा हो जाएगा और बहुत जल्दी भारत में हिन्दुओ का समूल विनाश हो जाएगा। नेताओ, अफसरों, न्यायाधीशो, बड़े व्यापारियों के परिवार विदेशों में जाकर बस जाएंगे । आम हिन्दुओ के साथ वही होगा जो कश्मीर, पाकिस्तान, अफगानिस्तान सहित सभी मुस्लिम देशों में धार्मिक अल्पसंख्यको के साथ हुआ। ये ही मोहम्मद का आदेश है। मोहम्मद और उसकी पवित्र कुरआन में विश्वास रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस लक्ष्य को समर्पित है। उत्तराखंड प्रदेश देवभूमि है हरिद्वार अध्यात्मिक राजधानी है उत्तराखंड में इस्लामिक राक्षसी प्रवृत्ति के कारण हमारी बहन बेटियों के साथ रेप बलात्कार करके मार दिया जाता है मठ मंदिरों को तोड़ दिया जाता है साधु संतों को मार दिया जाता है मेरा मानना है कि यह राक्षसी प्रवृत्ति कुरान से प्रारंभ होती है और कुरान की शिक्षा मदरसे में दी जाती है और फिर मस्जिदों से लागू की जाती है इसलिए मस्जिद मजार मदरसे तत्काल उत्तराखंड से हटाए जाएं और इस प्रकार के कुकृत्य करने वाले इस्लामिक जिहादियों के उत्तराखंड में रहने पर और आगमन पर तत्काल से रोक लगाया जाए हमें पूर्ण विश्वास है कि हिंदुत्ववादी सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हमारी व्यथा को सुनकर हमारे विश्वास को बचाएंगे और उत्तराखंड की संस्कृति सभ्यता और बहन बेटियों की रक्षा तथा मठ मंदिरों की रक्षा हो सकेगी और उत्तराखंड बच पाएगा। और हमे आत्मदाह करने पर मजबूर नहीं होना पड़ेगा ।

उपरोक्त पत्र यति रामस्वरूपानंद सरस्वती व यति परमात्मानंद सरस्वती ने अपने रक्त से कोटद्वार में पत्र लिखकर प्रारंभ किया इस प्रकार के पत्र प्रत्येक जिले से 1000 पत्र व संपूर्ण उत्तराखंड से 11000 पत्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित किया जाना है देवभूमि शुद्धिकरण अभियान कोटद्वार से प्रारंभ होकर हरिद्वार, देहरादून, लक्सर व रुड़की में किया गया अभी तक लगभग ढाई हजार पत्रों में सनातनी हिंदुओं वह हरिद्वार के संतो द्वारा हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री को स्पीड पोस्ट किए जा चुके हैं।

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