सीएम धामी ने किया नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल-2026 का शुभारंभ,
पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami आज पौड़ी गढ़वाल के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल-2026 का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, युवा और पर्यटक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल के माध्यम से पौड़ी जनपद के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और साहसिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।
सीएम धामी ने किया नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल-2026 का शुभारंभ,
साहसिक गतिविधियों का आकर्षण
नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल में माउंटेन बाइकिंग, पैराग्लाइडिंग, ट्रेल रनिंग और एंगलिंग जैसी रोमांचक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के जरिए देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि पहाड़ी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
विकास कार्यों की गिनाईं उपलब्धियां
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में 650 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का निर्माण कार्य जारी है।
खोह नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पौड़ी के पुराने कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज भवन के रूप में संरक्षित किया जा रहा है।
कोटद्वार में 50 बेड वाले आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश की पहली एनसीसी एकेडमी का निर्माण भी पौड़ी में किया जा रहा है। कोटद्वार में 11 करोड़ रुपये की लागत से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है और मालन नदी पर सड़क पुल का निर्माण भी जारी है।
पर्यटन को मिल रही नई पहचान
सीएम धामी ने कहा कि नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल से पौड़ी क्षेत्र को नई पहचान मिली है। लैंसडौन, ताड़केश्वर, देवप्रयाग, पौड़ी, मुंडेश्वर और भैरव गढ़ी जैसे पर्यटन स्थलों के बीच का यह क्षेत्र अब तेजी से प्रसिद्ध हो रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।