उत्तराखंड की राजनीति में 7 मार्च का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah हरिद्वार दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। लेकिन इस रैली से भी ज्यादा चर्चा उस खास बैठक की हो रही है जिसे पार्टी ने “टोली बैठक” नाम दिया है। इस बैठक में पार्टी के 24 बड़े नेता शामिल होंगे और माना जा रहा है कि इसमें आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गहन मंथन होगा।

दरअसल, उत्तराखंड में चुनावी तैयारियों को तेज करने के लिए भाजपा ने अभी से कमर कस ली है। पार्टी का मानना है कि चुनावी माहौल बनाने के लिए संगठन को मजबूत करना और रणनीति को समय रहते तैयार करना बेहद जरूरी है। इसी कड़ी में हरिद्वार में यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Mahendra Bhatt के अनुसार, इस बैठक में पार्टी के कोर ग्रुप के 14 सदस्य और इसके अलावा 9 अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस तरह कुल 24 नेता केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बैठकर संगठन और सरकार से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
कोर ग्रुप में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Madan Kaushik, संगठन महामंत्री Ajay Kumar सहित राज्य के सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री Satpal Maharaj और Dhan Singh Rawat भी इस बैठक का हिस्सा होंगे।
वहीं कोर ग्रुप के अलावा जिन प्रमुख नेताओं को इस बैठक में शामिल किया गया है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री Vijay Bahuguna और Tirath Singh Rawat के नाम भी प्रमुख हैं। इसके अलावा प्रदेश महामंत्री Deepthi Rawat, Kundan Parihar और Tarun Bansal भी मौजूद रहेंगे। कैबिनेट मंत्री Subodh Uniyal, Rekha Arya, Ganesh Joshi और Saurabh Bahuguna भी इस बैठक में शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में सिर्फ चुनावी रणनीति ही नहीं बल्कि प्रदेश में दायित्वों के बंटवारे, संगठन की मजबूती और संभावित कैबिनेट विस्तार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। यही वजह है कि इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
दिलचस्प बात यह भी है कि 23 मार्च को धामी सरकार के चार साल पूरे होने जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व आने वाले समय में अपनी राजनीतिक रणनीति को और मजबूत करने की कोशिश में जुटा हुआ है। वहीं 22 मार्च को रक्षा मंत्री Rajnath Singh भी गढ़वाल के श्रीनगर में एक बड़ी रैली को संबोधित करने वाले हैं।
ऐसे में साफ है कि भाजपा उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से तेज कर चुकी है और हरिद्वार की यह ‘टोली बैठक’ उसी रणनीतिक तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।