उत्तर प्रदेश

नोएडा: युवराज मेहता की मौत ‘हादसा’ नहीं, सिस्टम की लापरवाही! SIT रिपोर्ट में 80 जवानों की ‘बुझदिली’ का चौंकाने वाला खुलासा.

नोएडा/लखनऊ (29 जनवरी 2026): नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में गठित एसआईटी (SIT) ने अपनी जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और प्रशासनिक संवेदनहीनता  को दर्शाते हैं। SIT ने प्रशासनिक अधिकारियों और बचाव दल के लापरवाह रवैये को ही युवराज की मौत का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है।

80 जवान तमाशबीन, डिलीवरी बॉय ने दिखाया साहस रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया है कि घटना के वक्त मौके पर नोएडा प्राधिकरण, एसडीआरएफ (SDRF), फायर ब्रिगेड और पुलिस के करीब 80 जवान मौजूद थे। लेकिन, ‘पानी ठंडा है’ और ‘संसाधनों की कमी’ का हवाला देकर कोई भी जवान युवराज को बचाने के लिए पानी में नहीं उतरा। अंत में, एक डिलीवरी बॉय मुनेंद्र ने साहस दिखाया और पानी में उतरकर युवराज को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवराज दम तोड़ चूका था।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान नोएडा प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने (Blame Game) की कोशिश करते रहे। किसी भी विभाग ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की। SIT ने अपनी रिपोर्ट में इन सभी विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।

 

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