हरेला पर्व पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में हुआ पौधारोपण, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

देहरादून: उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति और प्रकृति से जुड़े महत्वपूर्ण पर्व हरेला के अवसर पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सोमवार को अपने परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर श्री ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के दौरान विभागीय परिसर में छायादार और औषधीय पौधों जैसे आंवला, नीम, गिलोय और अशोक के पौधे रोपे गए। सभी कर्मचारियों ने इन पौधों की देखरेख का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
इस अवसर पर अपर आयुक्त श्री ताजबर सिंह जग्गी ने कहा, “हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और प्रकृति से जुड़ाव का माध्यम है। वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों को स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह हम सभी का नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है कि हम प्रकृति संरक्षण में योगदान दें।“
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में विभाग हर वर्ष हरेला जैसे पर्वों पर इस प्रकार के आयोजनों को और अधिक व्यापक रूप से मनाएगा। साथ ही अन्य सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों से भी अपील की कि वे वृक्षारोपण कर इस परंपरा को मजबूत करें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने पर्यावरण सुरक्षा, पौधों की देखभाल और प्लास्टिक उपयोग में कमी लाने का संकल्प लिया। विभाग द्वारा की गई इस हरित पहल को न केवल विभागीय बल्कि राज्य स्तर पर भी सराहना मिल रही है। यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि सरकारी विभाग भी पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।