उत्तराखंड

हरेला पर्व पर बीकेटीसी ने धामों व विश्रामगृहों में किया वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

उखीमठ : श्रावण संक्रांति और उत्तराखंड के पारंपरिक पर्यावरण पर्व हरेला के अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने  बदरीनाथ और  केदारनाथ धाम सहित ज्योर्तिमठ, रुद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, उखीमठ, जोशीमठ, शोणितपुर, श्रीनगर, चमोली, नंदप्रयाग, ऋषिकेश, पौड़ी, टिहरी समेत अपने सभी विश्रामगृहों और संस्कृत महाविद्यालय परिसरों में वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर पौधों की विधिवत पूजा की गई और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सावन संक्रांति और हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने और उसे संरक्षित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण कर हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और हरा-भरा भविष्य दे सकते हैं।  नृसिंह मंदिर परिसर, ज्योर्तिमठ स्थित बीकेटीसी कार्यालय में उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने वृक्षारोपण किया और महिला सहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए सुरमा देवी, शांता देवी, बसंती देवी, सत्तू देवी व सुंदरी देवी को सम्मानित किया।

रुद्रप्रयाग विश्रामगृह में उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, गुप्तकाशी और कालीमठ में वरिष्ठ सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के निर्देशन में वृक्षारोपण किया गया। वहीं, केदारनाथ धाम में मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में यात्रा मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार तिवारी, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती, प्रशासनिक प्रभारी यदुवीर पुष्पवान और प्रबंधक अरविंद शुक्ला मौजूद रहे। बदरीनाथ धाम में रावल अमरनाथ नंबूदरी, बीकेटीसी सदस्य उमेश पोस्ती और वन विभाग के सहयोग से वृक्षारोपण किया गया। उखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण और देवी प्रसाद तिवारी की देखरेख में पौधारोपण संपन्न हुआ।  बदरीश कीर्ति संस्कृत महाविद्यालय, सिमली में सदस्य राजेंद्र प्रसाद डिमरी की निगरानी में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

वृक्षारोपण के तहत वन तुलसी, बांज, बुरांश, देवदार, अशोक, ब्रह्मकमल जैसे धार्मिक, औषधीय और सजावटी पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और विजय कपरवाण ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” पहल और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “धरती माँ का ऋण चुकाओ” संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास है। उन्होंने हरेला को उत्तराखंड की आस्था, पर्यावरण और संस्कृति से जुड़ा पर्व बताते हुए इसे जन-अभियान बनाने का आह्वान किया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में डॉ. हरीश गौड़ (मीडिया प्रभारी), पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, मंदिर प्रबंधक भूपेंद्र राणा, पुजारी सुशील डिमरी, प्रधानाचार्य डॉ. नित्यानंद पोखरियाल, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, वन विभाग से अजय सिंह रावत, प्रबंधक भगवती सेमवाल, अमित राणा, रानू परमार, संजय भंडारी, दिलवर नेगी, अनिल भट्ट और राकेश झिंक्वाण सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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