देहरादून। उत्तराखंड में बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए चलाये जा रहे ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत दून पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रायपुर थाना पुलिस ने फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से शहर में रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई महिलाओं में एक किर्गिस्तान और दो उज्बेकिस्तान की नागरिक हैं।

सत्यापन अभियान के दौरान हुई गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के निर्देशानुसार जनपद में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के क्रम में, 28 मार्च 2026 को रायपुर पुलिस ने सांई कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में दबिश दी। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहाँ कुछ विदेशी नागरिक संदिग्ध रूप से रह रहे हैं। पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने उनसे वैध दस्तावेज और वीजा मांगे, तो वे कोई भी कानूनी कागजात पेश नहीं कर पाईं।
नेपाल सीमा से घुसपैठ और फर्जी आईडी का खेल
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान ईरीका (29) निवासी किर्गिस्तान, करीना (30) और निगोरा नीम (32) निवासी उज्बेकिस्तान के रूप में हुई है।
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ईरीका: वर्ष 2023 में एक साल के वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से देश में ही छिपी रही।
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करीना और निगोरा: इन दोनों महिलाओं ने वर्ष 2022 और 2023 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था।
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फर्जी दस्तावेज: इन तीनों ने दिल्ली में अपने परिचितों की मदद से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक तैयार करवाए थे, ताकि वे भारतीय नागरिक के रूप में पहचान छुपा सकें।
जमानत के बाद फिर शुरू किया अवैध निवास
पुलिस के अनुसार, अभियुक्त निगोरा को इससे पूर्व बिहार पुलिस ने भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रहने के जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत पर बाहर आने के बाद वह अपने वतन वापस जाने के बजाय दोबारा पहचान बदलकर भारत में रहने लगी। ये तीनों पिछले 6-7 महीनों से देहरादून के विभिन्न इलाकों में ठिकाने बदल-बदल कर रह रही थीं।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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01 किर्गिस्तान पासपोर्ट और नागरिकता कार्ड।
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03 फर्जी आधार कार्ड और 02 पैन कार्ड।
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02 एसबीआई बैंक पासबुक।
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07 मोबाइल फोन और विदेशी मुद्रा के नोट।
रायपुर थाना पुलिस ने तीनों महिलाओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 की धारा 23 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन स्थानीय संपर्कों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन विदेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेज बनाने और रहने में मदद की थी।