
लंदन : पीएम मोदी अपनी दो-दिवसीय यात्रा के पहले चरण में बुधवार को ब्रिटेन पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करके अपने द्विपक्षीय संबंधों को और भी मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा पूर्व दिए गए बयान में कहा था कि भारत और ब्रिटेन एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं, जिसमें हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस दौरान दोनों देशों के बीच निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, शिक्षा और अनुसंधान जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति देखी गई है।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। दोनों नेताओं के पास आर्थिक साझेदारी को और बढ़ाने का सुनहरा अवसर होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों में समृद्धि, विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मोदी महाराज चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की पदभार ग्रहण करने के बाद से यूनाइटेड किंगडम की चौथी यात्रा है। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टारमर दो बार मिल चुके हैं, और दोनों देश इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।
इस व्यापार समझौते का मूल लक्ष्य दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्कों को समाप्त करना या उन्हें कम करना है। इससे भारतीय उत्पाद ब्रिटेन में और ब्रिटिश उत्पाद भारत में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। दोनों देशों का लक्ष्य वर्ष 2030 तक अपने पारस्परिक व्यापार को 120 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। अपनी यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी मालदीव जाएंगे। ब्रिटेन में निवास कर रहे प्रवासी भारतीयों ने प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा पर अपना गर्व और उत्साह व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक और आध्यात्मिक दोनों ही रूपों में एक दूरदर्शी नेता बताया है। प्रवासी भारतीय सदस्य गायत्री लोखंडे ने एएनआई से कहा कि वे प्रधानमंत्री से मिलने के लिए बहुत उत्साहित हैं और प्रधानमंत्री स्टारमर के साथ होने वाले व्यापार समझौते का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कई लोगों को उम्मीद है कि यह यात्रा भारत-ब्रिटेन संबंधों को और मजबूत करेगी, विशेषकर व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में।