उत्तराखंड

चारधाम यात्रा में परंपराओं का पालन जरूरी, रील कल्चर पर रोक: CM पुष्कर सिंह धामी

सीएम धामी ने तीर्थाटन और पर्यटन के बीच अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा की परंपराओं का पालन अनिवार्य होगा। लिव-इन रिलेशनशिप पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार अपने रुख से पीछे नहीं हटेगी, लेकिन सुझावों के लिए दरवाजे खुले रहेंगे।

उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत लिव-इन रिलेशनशिप के विरोध पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस फैसले से पीछे नहीं हटेगी, हालांकि सुझावों का स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री नई दिल्ली में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे।

UCC और लिव-इन रिलेशनशिप पर CM का रुख

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “2022 के चुनाव में हमने प्रदेश की जनता से वादा किया था कि भाजपा की सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेंगे। हमने अपना वादा पूरा किया।”
लिव-इन रिलेशनशिप पर उन्होंने कहा कि यह भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है, लेकिन यह विषय कई बार सुप्रीम कोर्ट में उठ चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक मान्यताओं का सम्मान करती है, लेकिन UCC के तहत लिए गए फैसलों से पीछे नहीं हटेगी।

चारधाम यात्रा में रील कल्चर पर रोक

चारधाम यात्रा के दौरान रील बनाने पर रोक के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन में अंतर समझना होगा। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा एक आध्यात्मिक यात्रा है, जहां परंपराओं और श्रद्धा का पालन करना जरूरी है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए रील कल्चर पर रोक लगाने के पक्ष में है, ताकि तीर्थस्थलों की गरिमा बनी रहे।

 

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