उत्तर प्रदेश

प्रयागराज: केपी कॉलेज के पास तालाब में गिरा वायुसेना का ट्रेनी विमान, दोनों पायलट सुरक्षित; बड़ा हादसा टला.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार दोपहर एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। सिविल लाइंस स्थित केपी कॉलेज के पास भारतीय वायु सेना (IAF) का एक टू-सीटर माइक्रोलाइट ट्रेनी विमान तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित होकर एक तालाब में जा गिरा। गनीमत रही कि विमान में सवार दोनों पायलट—ग्रुप कैप्टन जेके पांडेय और ग्रुप कैप्टन प्रवीण अग्रवाल—पूरी तरह सुरक्षित हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट एम-116 ने बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे बमरौली एयरफोर्स स्टेशन (29वीं विंग) से नियमित प्रशिक्षण उड़ान भरी थी। विमान फाफामऊ में पड़िला एयर फील्ड के बाद संगम क्षेत्र का चक्कर लगाकर वापस एयरफोर्स स्टेशन लौट रहा था। तभी दोपहर करीब 12:15 बजे विमान के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान आसमान में अचानक लड़खड़ाने लगा। इस दौरान दोनों अनुभवी पायलटों ने अत्यंत सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने अनियंत्रित विमान को घनी आबादी वाले इलाके, केपी कॉलेज (जहां सैकड़ों बच्चे मौजूद थे) और पास ही स्थित भीड़भाड़ वाले रोडवेज बस स्टेशन से दूर मोड़ दिया। उन्होंने विमान को केपी कॉलेज के पीछे जलकुंभी से भरे एक निर्जन तालाब की ओर निर्देशित किया और इमरजेंसी लैंडिंग कराई।

विमान के लड़खड़ाते ही उसका पैराशूट खुल गया था और दोनों पायलट कूद गए थे। विमान तेज आवास के साथ तालाब में गिरा। धमाके की आवाज सुनकर रेलवे पटरी के पास मौजूद स्थानीय युवक—लाल साहब निषाद, अजीत यादव और पंकज सोनकर—बिना समय गंवाए तालाब में कूद पड़े। तालाब में भारी मात्रा में जलकुंभी होने के कारण दिक्कतें आईं, लेकिन युवकों ने दोनों पायलटों को सहारा देकर सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया।

वायुसेना का बयान और जाँच के आदेश: घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और वायुसेना के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दोनों पायलटों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर और सुरक्षित बताई गई है।

भारतीय वायु सेना ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पायलटों ने सूझबूझ से विमान को आबादी से दूर मोड़ा, जिससे किसी भी प्रकार की नागरिक संपत्ति या जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एवं विंग कमांडर देवार्थो धर ने बताया कि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए ‘कोर्ट ऑफ इनक्वायरी’ गठित कर दी गई है।

देर शाम तक एसडीआरएफ, पुलिस और वायुसेना की संयुक्त टीम द्वारा जलकुंभी हटाकर तालाब में फंसे विमान को निकालने की कार्रवाई जारी थी।

 

 

 

 

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