
नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल और इसके आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां जोरों पर हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 3 और 4 नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर नैनीताल पहुंचेंगी। उनका यह दौरा ऐतिहासिक महत्व का है, क्योंकि इसी दौरान राजभवन नैनीताल की स्थापना के 125 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी नैनीताल शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल राजभवन के विशेष समारोह से जुड़ा होगा, बल्कि इसमें धार्मिक और शैक्षणिक गतिविधियाँ भी शामिल रहेंगी।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू राजभवन में आयोजित मुख्य समारोह में बतौर विशेष अतिथि शामिल होंगी। कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान नैनीताल के आसपास के कुछ धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, उनके शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने की भी संभावना है।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है, जबकि ट्रैफिक और वीआईपी मूवमेंट के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया जा रहा है।
राजभवन नैनीताल की स्थापना वर्ष 1900 में ब्रिटिश काल के दौरान हुई थी। तब से लेकर अब तक यह भवन न केवल उत्तराखंड की राजनैतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र रहा है, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी अपनी अलग पहचान रखता है।
राष्ट्रपति का यह दौरा उत्तराखंड के लिए गौरव का अवसर माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इस यात्रा से नैनीताल और कुमाऊँ क्षेत्र में पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा मिलेगी।