उत्तराखंड

उत्तराखंड में कोऑपरेटिव बैंकों का लाभ इस वित्तीय वर्ष बढ़कर 250 करोड़ रुपये

उत्तराखंड में कोऑपरेटिव बैंकों का लाभ इस वित्तीय वर्ष बढ़कर 250 करोड़ रुपये

देहरादून, 2 अप्रैल 2025

उत्तराखंड में सहकारी बैंकों ने इस वित्तीय वर्ष में उल्लेखनीय लाभ अर्जित किया है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को जानकारी दी कि राज्य के 10 जनपदों के जिला सहकारी बैंक और राज्य सहकारी बैंक समेत कुल 11 बैंकों ने मिलकर 250 करोड़ रुपये का सकल लाभ अर्जित किया है। वहीं, शुद्ध लाभ 112.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 123.28 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

सहकारी बैंकों की बढ़ती प्रगति

सहकारिता मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि यह प्रभावशाली वित्तीय प्रदर्शन सरकार की नीतियों और रणनीतियों की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में जब उन्होंने सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी, तब राज्य के कई जिला सहकारी बैंक घाटे में थे, लेकिन अब सभी जनपदों के बैंक लाभ की स्थिति में हैं। वर्तमान में प्रदेश भर में 280 बैंक शाखाएं लाभ में हैं, जबकि केवल 49 बैंक शाखाएं हानि में हैं, जिनमें से अधिकांश हाल ही में खोली गई हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले दो वर्षों में ये शाखाएं भी लाभ अर्जित करने लगेंगी।

ग्रामीण विकास में सहकारी बैंकों की भूमिका

डॉ. रावत ने बताया कि जिला सहकारी बैंक राज्य सरकार की नीतियों को लागू करने और ग्रामीणों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन बैंकों के माध्यम से ग्रामीण आबादी को अपनी आर्थिक स्थिति सशक्त करने और अपनी आय को दोगुना करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि और कल्याण में योगदान दे रहे हैं।

सहकारी बैंकों के सकल लाभ का वितरण

जनपद सकल लाभ अनुमानित
देहरादून -1976.30
कोटद्वार -2973. 02
चमोली -3003.93
उत्तरकाशी- 2476.20
हरिद्वार -795.25
उधम सिंह नगर -2057.72
नैनीताल -1600.00
टिहरी- 3168.26
पिथौरागढ़ -2165.50
अल्मोड़ा – 1699.01
राज्य सहकारी बैंक- 3149.00

कुल सकल लाभ- 25064.19

सहकारिता सचिव ने दी जानकारी

सहकारिता सचिव एवं राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक श्री दिलीप जावलकर ने बताया कि उत्तराखंड के सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये बैंक न केवल ग्रामीणों को वित्तीय सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उनकी आजीविका और समृद्धि में भी सहायक साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्री डॉ. रावत के नेतृत्व में सहकारी बैंकों ने कई अभिनव योजनाएँ लागू की हैं, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है।

आगे की योजना

डॉ. रावत ने बताया कि उत्तराखंड में सहकारी बैंकों की दशा और दिशा को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सहकारी बैंक में एक प्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, सरकार ने विभिन्न योजनाओं जैसे कि दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना, 0% ब्याज दर पर ऋण सुविधा, बचत योजनाएं और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम शुरू किए हैं। इन पहलों से ग्रामीणों को स्वरोजगार और कृषि में निवेश करने में सहायता मिल रही है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

डॉ. रावत ने कहा कि सरकार और सहकारी बैंक मिलकर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास और वित्तीय समावेशन को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button