196 चिकित्सकों को एसडीएसीपी लाभ पर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने व्यक्त किया आभार
स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात में संघ प्रतिनिधिमंडल ने सराहा सरकारी निर्णय

देहरादून – प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार से भेंट कर राज्य के 196 चिकित्सकों को स्पेशल ड्यूटी अलाउंस फॉर क्रिटिकल पोजीशन (एसडीएसीपी) का लाभ प्रदान करने पर राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
संघ अध्यक्ष मनोज वर्मा के नेतृत्व में गठित प्रतिनिधिमंडल में महासचिव डॉ. रमेश कुंवर, डॉ. तुहिन, डॉ. यशपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को धन्यवाद
संघ अध्यक्ष मनोज वर्मा और महासचिव डॉ. रमेश कुंवर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह निर्णय दीर्घकालिक लंबित मांगों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस बात की सराहना की कि सरकार और स्वास्थ्य सचिव द्वारा चिकित्सकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिस तत्परता से यह लाभ उपलब्ध कराया गया है, वह प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री से शीघ्र भेंट की योजना
संघ पदाधिकारियों ने घोषणा की कि वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री से भेंट कर इस निर्णय के लिए व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।
बैठक के दौरान संघ प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सचिव के समक्ष निम्नलिखित प्राथमिक मांगें प्रस्तुत कीं:
पर्वतीय भत्ता: पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ते का प्रावधान
क्षेत्र निर्धारण: सुगम और दुर्गम क्षेत्रों का उचित एवं स्पष्ट निर्धारण
पदोन्नति व्यवस्था: चिकित्सकों की पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की नियमित बैठकों का आयोजन
सुरक्षा व्यवस्था: अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए स्थायी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
स्वास्थ्य तंत्र की चुनौतियों पर चर्चा
संघ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र अनेक गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इस संदर्भ में पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों को विशेष सहायता प्रदान करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा पदोन्नति संबंधी मुद्दों का त्वरित समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।