पौड़ी में बारिश का कहर: कलगड़ी पुल ढहा, भूस्खलन में दो महिलाओं की मौत

पौड़ी : जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचाई है। बुआखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 121 पर स्थित कलगड़ी का महत्वपूर्ण पुल पश्चिमी नयार नदी के उफान के कारण ढह गया है। यह पुल विकासखंड थलीसैंण और पाबौ को मुख्यालय पौड़ी से जोड़ने वाली एकमात्र कड़ी था, जिसके ढहने से इन ब्लॉकों के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है।
दिनभर जारी मूसलाधार बारिश के कारण पश्चिमी नयार नदी उफान पर आ गई, जिससे पुल की नींव हिल गई और अंततः यह ढह गया। ग्रामीणों के अनुसार यह दोनों विकासखंडों को मुख्यालय से जोड़ने वाला एकमात्र साधन था। पुल के ढहने से आने वाले दिनों में स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा क्योंकि अब उन्हें वैकल्पिक और लंबे मार्गों का सहारा लेना होगा।
क्षेत्रवासी और सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल व संजय नौटियाल ने बताया कि बारिश की मार से सैंजी ग्राम सभा के कोठला गांव में पेयजल लाइन पूरी तरह से नष्ट हो गई है। बुधवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं, जिससे संचार व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई है। पाबौ के कलुण व खातस्यूं पट्टी के क्यार्द गांव में कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से क्यार्द गांव के प्रभावित लोगों को तत्काल प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।
इधर, पौड़ी गढ़वाल के बुरासी गांव में हुए भीषण भूस्खलन की घटना में दो महिलाओं की जान चली गई है। मलबे में दबकर हुई इन मौतों के साथ ही यहां कई मवेशियों की भी जान गई है। तेज बारिश के कारण पूरे गांव में व्यापक नुकसान हुआ है। भूस्खलन की इस त्रासदी ने स्थानीय समुदाय को गहरे शोक में डाल दिया है।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से भी बारिश से हुए नुकसान की तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है तथा प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को मुहैया कराने के लिए टीमें भेजी गई हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए और भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह भी दी गई है। राज्य सरकार ने इस आपदा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है और सभी संबंधित विभागों को चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं।