रामनगर (4 फरवरी 2026): रामनगर स्थित विश्व प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर (Garjiya Devi Temple) आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक जरूरी खबर है। प्रशासन ने मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर 13 फरवरी तक पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय मंदिर के टीले और चबूतरे की जर्जर हालत को देखते हुए और वहां चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

खतरे में था मंदिर का चबूतरा, सिंचाई विभाग कर रहा मरम्मत रामनगर के उप जिलाधिकारी (SDM) प्रमोद कुमार ने जानकारी दी कि मंदिर जिस टीले पर स्थित है, उसके नीचे का चबूतरा काफी जर्जर हो चुका था, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।
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सिंचाई विभाग की रिपोर्ट: रामनगर सिंचाई खंड द्वारा टीले पर तेजी से सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं। इंजीनियरों ने प्रशासन को लिखित आग्रह किया था कि निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही से हादसा हो सकता है, इसलिए एंट्री रोकी जाए।
नीचे से ही होंगे माता के दर्शन श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने वैकल्पिक व्यवस्था की है:
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वैकल्पिक दर्शन: मंदिर के डोले को मुख्य टीले से नीचे लाकर पुल के पार स्थित पैतृक मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
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व्यवस्था: श्रद्धालु टीले पर चढ़े बिना नीचे से ही माता के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
13 फरवरी के बाद होगी समीक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह रोक सुरक्षा की दृष्टि से लगाई गई है। 13 फरवरी तक मंदिर पूरी तरह बंद रहेगा। इसके बाद निर्माण कार्य की प्रगति और सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। यदि सब कुछ सुरक्षित पाया गया, तो मंदिर को दोबारा खोला जाएगा, अन्यथा प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।