
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों के साथ डीरेगुलेशन (विनियमन मुक्ति) से जुड़े विषयों पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने प्राथमिक क्षेत्रों में डीरेगुलेशन से संबंधित आवश्यक कदम उठाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर डीरेगुलेशन की कार्रवाई पूरी की जा सकती है, उनके लिए नोटिफिकेशन जारी किए जाएं। वहीं, जिन मामलों में कैबिनेट स्तर पर संशोधन आवश्यक है, उनके विवरण तैयार किए जाएं। इसके साथ ही भारत सरकार को भेजे जाने वाले विवरण को समयबद्ध रूप से प्रेषित करना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने लंबित प्रकरणों में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि डीरेगुलेशन प्रक्रिया को गति देने से राज्य में व्यवसाय और उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। ज्ञात हो कि डीरेगुलेशन के तहत सरकारी नियंत्रण और नियमों को सरल बनाया जाता है, जिससे सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहल निवेश, प्रतिस्पर्धा और नवाचार को बढ़ावा देती है तथा व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित होती है
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विनीत कुमार, सौरभ गहरवार, अपूर्वा पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।