संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र के ग्राम सुनाली के होनहार युवा ऋषभ नौटियाल ने 552वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से रवांई घाटी सहित पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है।

ऋषभ नौटियाल के पिता का नाम त्र्यंबक प्रसाद नौटियाल और माता का नाम ललिता नौटियाल है। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई देहरादून के द दून स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने जोधपुर की राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई की।
चौथे प्रयास में मिली सफलता
ऋषभ नौटियाल की सफलता संघर्ष और धैर्य की मिसाल है। इससे पहले वे तीन बार सिविल सेवा परीक्षा की मुख्य परीक्षा तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। अंततः चौथे प्रयास में उन्होंने यह बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
ऋषभ की सफलता से क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है। यह उपलब्धि दिखाती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और निरंतर मेहनत की जाए तो पहाड़ के दूरस्थ गांवों से भी युवा देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।
क्षेत्र में खुशी की लहर
ऋषभ नौटियाल की सफलता पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने खुशी जताते हुए उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है। लोगों का कहना है कि इस उपलब्धि से रवांई घाटी और पुरोला क्षेत्र का नाम पूरे देश में गौरवान्वित हुआ है।
एक और युवा को मिली सफलता
इसी बीच बनाल क्षेत्र के गुलाड़ी गांव के आशुतोष नौटियाल ने भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयन प्राप्त किया है। उनके चयन से भी क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।