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रुड़की: नया पुल पर यातायात पुलिस का सघन चेकिंग अभियान, अवैध ई-रिक्शों पर कार्रवाई और अतिक्रमण मुक्त हुआ मार्ग.

रुड़की/हरिद्वार: यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने के उद्देश्य से रुड़की यातायात पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के सख्त आदेशों और पुलिस अधीक्षक (SP) यातायात के निर्देशन में सोमवार (23 फरवरी 2026) को रुड़की के ‘नया पुल’ क्षेत्र में एक विशेष चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने जहां यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर कानूनी डंडा चलाया, वहीं लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया।

रुड़की: नया पुल पर यातायात पुलिस का सघन चेकिंग अभियान, अवैध ई-रिक्शों पर कार्रवाई और अतिक्रमण मुक्त हुआ मार्ग

अवैध और खतरनाक ई-रिक्शों पर कसा शिकंजा इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस की रडार पर मुख्य रूप से ई-रिक्शा चालक रहे। शहर में बिना वैध रजिस्ट्रेशन, बिना फिटनेस प्रमाण पत्र और बिना ड्राइविंग लाइसेंस (DL) के दौड़ रहे ई-रिक्शों को रोककर उनके खिलाफ सख्त मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने उन ई-रिक्शा चालकों के भी चालान काटे जो अपने वाहनों में क्षमता से अधिक और खतरनाक तरीके से माल ढोकर आम जनता की जान जोखिम में डाल रहे थे। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहर में अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

फुटपाथ से हटाया गया अतिक्रमण नया पुल क्षेत्र में अक्सर लगने वाले जाम से आम जनता को निजात दिलाने के लिए पुलिस ने अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया। सड़क और फुटपाथ पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर मार्ग को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिससे राहगीरों और वाहनों के आवागमन में सहूलियत हो सके।

‘गुड सेमेरिटन’ और ‘गोल्डन आवर’ के प्रति किया जागरूक चालान और कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस ने चालकों के लिए एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड सहित पूरे भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को शून्य की ओर लाना है।

पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद लोगों और वाहन चालकों को ‘गुड सेमेरिटन स्कीम’ (नेक मददगार योजना) के बारे में विस्तार से बताया। लोगों से अपील की गई कि सड़क दुर्घटना होने पर वे पुलिस या कानूनी पचड़े के डर के बिना आगे आएं और घायलों की मदद करें। साथ ही ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के तुरंत बाद का वह पहला एक घंटा जिसमें सही इलाज मिलने से जान बचने की संभावना सबसे अधिक होती है) के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

यातायात पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।

 

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