उत्तराखंडदेहरादून

देहरादून संभाग के तीन ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों पर आरटीओ प्रशासन की औचक कार्रवाई

देहरादून, 10 सितंबर: आरटीओ प्रशासन देहरादून के निर्देश पर आज दोपहर 1 बजे देहरादून संभाग के तीनों प्राइवेट ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर — देहरादून (लालटप्पर), विकासनगर (सेलाकुई) और हरिद्वार (बहादराबाद) — पर एक साथ औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।

देहरादून सेंटर पर आरटीओ प्रशासन ने स्वयं टीम के साथ निरीक्षण किया। टीम में एआरटीओ प्रशासन, आरआई अरविंद यादव और प्रदीप रौठन शामिल रहे।

विकासनगर सेंटर पर एआरटीओ प्रशासन और आरआई विकासनगर ने निरीक्षण किया।

हरिद्वार सेंटर पर एआरटीओ प्रशासन और आरआई हरिद्वार की मौजूदगी में जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया किस प्रकार से हो रही है, क्या वाहन मालिकों को कोई असुविधा हो रही है, और कहीं फीस के अतिरिक्त कोई अवैध वसूली तो नहीं की जा रही है। सेंटर पर मौजूद वाहन चालकों से बातचीत की गई। किसी भी वाहन चालक ने अतिरिक्त शुल्क वसूली की पुष्टि नहीं की। उन्हें अवगत कराया गया कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस की मांग की जाती है, तो संबंधित एआरटीओ को शिकायत दें, जिस पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

देहरादून (लालटप्पर) सेंटर पर वाहन चालकों ने बताया कि केवल निर्धारित शुल्क ही लिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वहाँ चालकों के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है, शौचालयों की स्थिति बेहतर नहीं है, और महिला/पुरुष शौचालय अलग-अलग नहीं हैं। दोनों फिटनेस लेन पर सफाई का अभाव था और लेन मार्किंग तथा पेंट भी नहीं था। इस पर तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए।

विकासनगर सेंटर पर तकनीकी खराबी के कारण 8 सितंबर से फिटनेस कार्य नहीं हो रहा है, जिसकी जानकारी स्थानीय कार्यालय को नहीं दी गई थी। इस पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

सभी एटीएस सेंटर्स को निम्न निर्देश दिए गए:

सरकार द्वारा निर्धारित फीस का फ्लेक्स बोर्ड बड़े साइज में लगाएं, साथ ही 1064 नंबर वाला बोर्ड रिसेप्शन व अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करें।

वाहन चालकों को उनकी गाड़ी की फिटनेस प्रक्रिया उनके सामने देखने की अनुमति दें ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

वाहनों के भौतिक निरीक्षण में सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।

सेंटरों पर स्थापित ANPR कैमरों का एक्सेस विभाग को तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

सभी सेंटरों पर हेल्प डेस्क स्थापित किया जाए ताकि समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके।

सेंटर परिसर में कर्मचारियों और वाहन मालिकों के अतिरिक्त किसी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए।

फिटनेस लेन की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

सभी एटीएस कर्मचारी निर्धारित यूनिफॉर्म में रहें।

अंत में सभी एटीएस सेंटरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मोटर वाहन अधिनियम के मानकों के अनुरूप ही फिटनेस प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए।

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