उत्तराखंडसामाजिक

‘कहीं गुम न हो जाए’ सीजन 7 कुकरी कॉन्टेस्ट की विजेता रही अलका देवी

देहरादून

लेट्स गिव बैक कई वर्षों से बैक टू रूट के तत्वावधान में काम कर रहा है।

दरअसल, इस एनजीओ की स्थापना 2016 में दिवंगत बबीता सक्सेना ने भारतीय कला और संस्कृति तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए की थी। संस्थापक बबीता सक्सेना के बाद अब उनके पति सेवानिवृत्त कर्नल अतुल सक्सेना स्वस्थ भोजन और प्राचीन भारतीय परंपराओं को पुनर्जीवित करने के बबीता जी के सपने को आगे बढ़ा रहे हैं।

वह तन-मन से इस कार्य के लिए समर्पित हैं। इसके तत्वावधान में पिछले 6 वर्षों से राष्ट्रीय पाककला प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भारत के विभिन्न राज्य भाग लेते हैं। इस प्रतियोगिता का नाम है कहीं घूम न जाए।

इस वर्ष इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का सीजन 7 आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों की महिलाएं उन राज्यों के विलुप्त हो रहे व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास करेंगी।

विभिन्न राज्यों से चुने गए विजेता दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इस बार का विषय है — हमारा भोजन, हमारी विरासत दिल्ली में होने वाले फाइनल के विजेता को 51 हजार, सह-विजेता को 31 हजार और दूसरे सह-विजेता को 21 हजार की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

यह प्रतियोगिता आम प्रतियोगिता से अलग है, इसमें हम भारत के विलुप्त हो चुके व्यंजनों को बढ़ावा देते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। हमारी दादी-नानी के समय के स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन जो आज के समय में लुप्त हो चुके हैं और उनकी जगह डिब्बाबंद भोजन ने ले ली है। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए जहर का काम करता है।

यानि आधुनिकता के दौर में स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पीछे छूट गई है, इसके प्रति जागरूक होना जरूरी है। अगर हम आज विलुप्त हो चुके उन व्यंजनों के गुणों को समझें और उन्हें बनाने और खाने का सही तरीका अपनाएं जो स्वास्थ्य के लिए सही और पौष्टिक हो, तभी हम अगली पीढ़ी को इसके बारे में समझा पाएंगे। यह एक राष्ट्रीय स्तर की पाक कला है

प्रतियोगिता में निम्नलिखित राज्यों ने भाग लिया: उत्तर प्रदेश (लखनऊ), मध्य प्रदेश (भोपाल), राजस्थान (गंगानगर, उदयपुर), पंजाब, उत्तराखंड, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम, दिल्ली एनसीआर, पश्चिम बंगाल और जम्मू और कश्मीर। प्रतियोगियों के उत्साह को देखते हुए यह प्रतियोगिता भी ऑनलाइन आयोजित की जा रही है। गुजरात, पंजाब और प्रयागराज से ऑनलाइन प्रतियोगी भाग लेंगे। उत्तराखंड का राज्य स्तरीय फाइनल 25 नवंबर को हुआ। निर्णायक मंडल में शेफ विनोद बडोनी, शेफ रिक्की नारायणन, शेफ राज पाल राणा, शेफ मनीष भारती शामिल थे।

आयोजन स्थल का भागीदार आईएचएम देहरादून था। हमारे प्रायोजक हैं:- कुंडलमाला ज्वेलर्स सिमरन नेल आर्ट जूसी एप्रन के-टिफिन ऑस्किल इंटरनेशनल होटल स्कूल इस प्रतियोगिता की समन्वयक स्मृति सरीन हरि थीं। हमारी समन्वयक पारुल अग्रवाल और पूनम अरोड़ा

उत्तराखंड से विजेता थे

प्रथम-अलका देवी

द्वितीय-निधि नेगी

तृतीय-अंजना वाही

तृतीय-शिल्पा भाटिया

जज स्पेशल -शुभपीर्या नौटियाल

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