समग्र शिक्षा उत्तराखंड ने किया दृष्टिकोण कार्यशाला का आयोजन:

देहरादून : समग्र शिक्षा, उत्तराखण्ड के तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा 5वें मुख्य सचिवों की बैठक हेतु राज्य की ओर से राज्य का दृष्टिकोण तैयार करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आज दिनांक 25 अगस्त, 2025 को द प्राइड प्राइमर सोलिटेयर होटल, देहरादून में आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ रविनाथ रामन, सचिव, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड, बन्दना गब्र्याल, निदेशक, अकादमिक, शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड, मुकुल कुमार सती, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा उत्तराखण्ड, एवं कुलदीप गैरोला, अपर राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा एवं गढ़वाल विश्वविद्यालय के बादशाही थौल परिसर की शिक्षा संकाय प्रमुख डॉ सुनीता गोदियाल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस कार्यशाला में राज्य के सभी राज्य स्तरीय, जनपदीय और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, SCERT , DIET एवं विभिन्न विद्यालयों से आए विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
कार्यशाला के प्रारम्भ में कुलदीप गैरोला, अपर राज्य परियोजना निदेशक द्वारा समस्त आमंत्रित प्रतिभागियों एवं अन्य सदस्यों का स्वागत करते हुए, कार्यशाला के आयोजन के मुख्य उद्देश्य के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी गयी।
सचिव, विद्यालयी शिक्षा द्वारा अपने उद्बोधन में अवगत कराया गया कि भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष राज्यों कें मुख्य सचिवों की एक बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें देश के सम्मुख मुख्य चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की जाती है।
इस वर्ष की थीम ह्यूमन कैपिटल फॉर विकसित भारत रखी गई है।
इसके अंतर्गत विकसित भारत के लिए भारत सरकार द्वारा 5 मुख्य बिन्दुओं पर फोकस किया गया है। जिससे विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। इसके अंतर्गत उत्तराखंड ने
स्कूलिंग बिल्डिंग ब्लॉक्स विषय का चुनाव किया है।
प्रक्रिया के पहले चरण में राज्य के अधिकारियों के द्वारा अपने फीडबैक दिए गए।
इसके अंतर्गत कुल 279 फीडबैक प्राप्त हुए जिनमें से बेहतरीन 102 फीडबैक को CS कांफ्रेंस पोर्टल पर अपलोड करने हेतु राज्य सरकार को भेजा गया है।
इसी के क्रम में राज्य द्वारा भी अपना फीडबैक नोट तैयार किए जाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सचिव महोदय द्वारा कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों से उत्तराखंड के परिपेक्ष्य में चुनौतियों पर गहन विचार मंथन करते हुए समुचित समाधान प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया।
सचिव, विद्यालयी शिक्षा द्वारा कार्यशाला में आमंत्रित निजी विद्यालयों के सदस्यों तथा स्वयं सेवी संस्थाओं के सदस्यों का विेशेष आभार प्रकट किया गया।
कार्यशाला के प्रारंभ में समस्त प्रतिभागियों को 10 समूहों मे बांटा गया। प्रत्येक समूह को अलग-अलग विषय प्रदान किये गये।
विचार मंथन सत्र के उपरांत प्रत्येक ग्रुप द्वारा राज्य के परिपेक्ष्य में दिए गए चैलेंज और उसके समाधान प्रस्तुत किए गए।
अंत में निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ मुकुल कुमार सती एवं निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गबराल द्वारा कार्यक्रम में सम्मिलित प्रतिभागियों का धन्यवाद किया गया।
कार्यक्रम का समन्वयन उप राज्य परियोजना निदेशक अजीत भंडारी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ बी पी मैंदोली द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में उपराज्य परियोजना निदेशक पल्लवी नैन, प्रद्युम्न सिंह रावत,फातिमा एवं राज्य परियोजना कार्यालय का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा।