रेशम फेडरेशन के नवाचारी मॉडल से प्रभावित हुए केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी

देहरादून: भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन के नवाचारी कार्यमॉडल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय उदाहरण बताया। अपर सचिव एवं प्रबंध निदेशक एनसीडीसी पंकज बंसल, निदेशक कपिल मीणा तथा अन्य संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों ने फेडरेशन के मुख्यालय एवं सिल्क पार्क परिसर का विस्तृत भ्रमण किया। अधिकारियों ने हैंडलूम यूनिट, यार्न बैंक और दून सिल्क के रिटेल आउटलेट सहित आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया।
फेडरेशन के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन के बाद अधिकारियों ने “पूर्ण मूल्य श्रृंखला मॉडल” की विशेष सराहना की और निर्देशित किया कि इस सफलता की कहानी को सहकारिता मंत्रालय को भेजा जाए ताकि अन्य संस्थाएं भी इससे प्रेरणा ले सकें।
शुक्ला ने बताया कि फेडरेशन ने राज्य में 11 संस्थाओं में पूर्ण मूल्य श्रृंखला स्थापित कर कोऑपरेटिव-कोऑपरेटिव पार्टनरशिप और कोऑपरेटिव-कॉरपोरेट मॉडल पर काम किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10 करोड़ रुपये के उत्पाद विक्रय और 20 करोड़ रुपये मूल्य के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। फेडरेशन का मुख्य उद्देश्य “लखपति दीदी” अभियान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर निदेशक प्रदीप कुमार, प्रबंधक मातबर कंडारी, जिला सहायक निबंधक बलवंत मनराल, फैशन डिजाइनर डॉ निहारिका सिंह, टेक्सटाइल इंजीनियर अंकित खाती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।