
देहरादून: श्रीनगर–पौड़ी क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। क्षेत्र के प्रमुख एवं अनछुए पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पर्यटन विभाग, संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग तथा गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में हेली सेवाएं उपलब्ध कराने, प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण तथा पर्यटन सर्किट के विकास कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया है।
यह निर्देश कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर श्रीनगर व पौड़ी विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन विकास को लेकर आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास तथा आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विस्तृत चर्चा की गई।
डॉ. रावत ने कहा कि श्रीनगर–पौड़ी क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। इन संभावनाओं का समुचित उपयोग कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने थलीसैण, खिर्सू और पाबों विकासखंडों में हेलीपैड निर्माण कर पर्यटकों के लिए हेली सेवाएं शुरू करने हेतु ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में कमलेश्वर–धारी देवी–देवलगढ़–खिर्सू–कंडोलिया (पौड़ी) पर्यटन सर्किट के विकास कार्यों में तेजी लाने, मार्गों एवं सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा धारी देवी मंदिर के मुख्य मार्ग पर सुरक्षा दीवार निर्माण के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा पैठाणी स्थित राहु मंदिर और थलीसैण स्थित विनसर मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर उन्हें शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
कैबिनेट मंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रोहिल्ला, महाप्रबंधक जीएमवीएन पीयूष सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जनपद स्तरीय अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।