
मसूरी: मसूरी में शहीद स्थल पर पिछले 13 दिनों से चल रहा पटरी व्यापारियों का धरना आखिरकार समाप्त हो गया। धरना समाप्त होने के पीछे नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी का हस्तक्षेप और संवाद अहम रहा। पालिका अध्यक्ष स्वयं धरना स्थल पर पहुंचीं और पटरी व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
धरना समाप्त कराने में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनके प्रयासों से प्रशासन और पटरी व्यापारियों के बीच संवाद का रास्ता निकला।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट किया कि माल रोड पर किसी भी स्थिति में पटरी लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, नियमों के अनुसार पात्र पटरी व्यापारियों को नगर पालिका द्वारा स्थायी स्थानों पर व्यवस्थित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन स्थानों पर व्यापारियों को बसाया जाएगा, वे स्थायी होंगे और वहां किसी तरह की असुविधा नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा विकसित किए जाने वाले वेंडर जोन में पानी, शौचालय, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रयास रहेगा कि इन वेंडर जोन को छोटे बाजारों के रूप में विकसित किया जाए, जिससे व्यापारियों की आजीविका सुरक्षित रहे और पर्यटकों को भी सुविधा मिल सके।
पालिका अध्यक्ष ने इस दौरान कुछ राजनीतिक नेताओं पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पटरी व्यापारियों के मुद्दे पर कई लोगों ने केवल राजनीति की और बयानबाजी की, लेकिन ठंड के बावजूद धरने पर बैठे व्यापारियों के साथ एक दिन भी कोई नेता नहीं बैठा।
पटरी व्यापारियों के अध्यक्ष रामकिशन राही और गोविंद नौटियाल ने कहा कि पालिका अध्यक्ष के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में पटरी व्यापारियों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। पात्र व्यापारियों को व्यवस्थित करने को लेकर कमेटी में विस्तृत चर्चा की जाएगी।
व्यापारियों ने कहा कि पालिका अध्यक्ष ने भरोसा दिया है कि उन्हें ऐसे स्थानों पर बसाया जाएगा, जहां पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है, ताकि उनकी रोजी-रोटी प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पटरी व्यापारियों के मुद्दे पर राजनीति नहीं होने दी जाएगी।