
जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भांग और अफीम की अवैध खेती के विरुद्ध राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम बनाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए गठित जिला स्तरीय समिति (एनकॉर्ड) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध उत्पादन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि चिन्हित क्षेत्रों में बुवाई के प्रारंभिक चरण से ही निगरानी बढ़ाई जाए और किसी भी स्थिति में भांग व अफीम की खेती न होने दी जाए।
संयुक्त अभियान चलाकर नष्ट की जाएगी अवैध खेती
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम अवैध खेती को चिन्हित कर उसे नष्ट करने की कार्रवाई करेगी। साथ ही मादक पदार्थों की बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने एंटी ड्रग किट के माध्यम से मौके पर ही प्राथमिक जांच कर त्वरित विधिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

स्कूलों में जागरूकता अभियान
जन-सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अगले तीन दिनों तक स्कूलों में नशे के दुष्प्रभावों और रोकथाम के उपायों पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों से बचाना बेहद जरूरी है।
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और कार्ययोजना
बैठक में संबंधित विभागों को मादक पदार्थों की खेती, उत्पादन और तस्करी का विस्तृत डाटा संकलित कर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
मानस हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार
जिलाधिकारी ने मादक पदार्थों की तस्करी या अवैध खेती से संबंधित शिकायतों के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, वनक्षेत्राधिकारी यशवंत सिंह उपस्थित रहे, जबकि पुलिस उपाधीक्षक जनक पंवार, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल, एसीएमओ बीएस पांगती, समाज कल्याण अधिकारी सुधीर जोशी सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।