अतिथि शिक्षकों की अनधिकृत अनुपस्थिति पर सख्त निर्देश, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या पर ध्यान

उत्तराखंड: राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की अनधिकृत अनुपस्थिति से छात्रों की शिक्षा प्रभावित होने की समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग के संज्ञान में आया है कि अतिथि शिक्षक नियमित रूप से अवकाश लेते रहते हैं या अवैतनिक अवकाश का आवेदन देकर विद्यालय से अनुपस्थित हो जाते हैं, जिससे छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन बाधित हो रहा है।
शासनादेश संख्या 1023/XXIV-नवसृजित/18-32(01)/2013 दिनांक 22 नवंबर 2018 के अनुसार अतिथि शिक्षकों को केवल माह में एक दिन का आकस्मिक अवकाश देय है और मातृत्व अवकाश को छोड़कर अन्य किसी प्रकार के अवकाश का कोई प्राविधान नहीं है।
शिक्षा विभाग ने सभी जनपद अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को केवल शासनादेश में निर्धारित अवकाश ही दिया जाए।
यदि कोई अतिथि शिक्षक अनुमन्य अवकाश से अधिक अनुपस्थित रहता है तो शिक्षण व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नियमानुसार वैकल्पिक अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जाए।
इस निर्देश का उद्देश्य विद्यालयों में निरंतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करना और छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा को रोकना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिथि शिक्षकों की अनुशासनहीनता से होने वाली शैक्षणिक हानि को गंभीरता से लिया जा रहा है और इसके लिए सख्त निगरानी की जाएगी।