गढ़वाल विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश को लेकर छात्रों का उग्र आंदोलन,

श्रीनगर गढ़वाल स्थित गढ़वाल विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। छात्र नेट (NET) की अनिवार्यता समाप्त कर विश्वविद्यालय स्तर पर प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
एक ओर एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने कुलसचिव और अन्य अधिकारियों को उनके कार्यालय में ही घेरकर विरोध दर्ज कराया, वहीं दूसरी ओर संयुक्त छात्र परिषद के बैनर तले विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने कुलपति सचिवालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
छात्र नेता वीरेंद्र बिष्ट का कहना है कि यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को पीएचडी प्रवेश में नेट अनिवार्यता को लेकर विकल्प दिए हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांगों के विपरीत इसे अनिवार्य बनाए रखा है। उनका आरोप है कि नेट या जेआरएफ के आधार पर प्रवेश लेने वाले कई छात्र कुछ समय बाद विश्वविद्यालय छोड़ देते हैं, जिससे स्थानीय छात्रों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि दीक्षांत समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शामिल नहीं होते हैं, तो समारोह का विरोध किया जाएगा।
संयुक्त छात्र परिषद के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन दिन-रात जारी है और इसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हो रहे हैं। धरने में छात्रसंघ महासचिव अनुरोध पुरोहित, उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल सहित कई छात्र नेता मौजूद हैं।