देहरादून

चकराता सीएचसी का विकास: डीएम ने स्वयं चढ़कर किया स्थलीय निरीक्षण

देहरादून:  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चकराता में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्वयं पहाड़ चढ़कर व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में नए सीएचसी की संभावित जगह का जायजा लेते हुए कहा कि विद्यमान सीएचसी की संकरे बाजार, सीमित स्थान और छावनी कानूनों के नियंत्रण की समस्याओं से निकलना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने बताया कि नया सीएचसी आधुनिक सुविधाओं के साथ खुली धूप और पर्याप्त पानी की व्यवस्था के साथ बनाया जाएगा। इसमें ओपीडी, फार्मेसी, ऑपरेशन थियेटर, वार्ड, लैब, रजिस्ट्रेशन काउंटर, दवा वितरण केंद्र और डॉक्टरों के आवास के लिए पर्याप्त स्थान होगा। प्रशासन जल्द ही इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव, प्लान और रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी में है।

मौजूदा सीएचसी के सुधार के लिए डीएम ने तत्काल कई निर्देश दिए हैं। अस्पताल को आधुनिक उपकरणों, पैरामेडिक्स, ओटी टेबल और वार्ड आयाओं से लैस करने के लिए मौके पर ही फंड की स्वीकृति दी गई है। महिला प्रसूति कक्ष के लिए एलईडी फोकस लाइट लगाने हेतु भी धन की स्वीकृति मिली है। रजिस्ट्रेशन और दवा काउंटर का विस्तारीकरण भी जल्द किया जाएगा।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान डीएम ने सीएचसी के सभी विभागों – पंजीकरण काउंटर, ओपीडी, प्रसूति कक्ष, आपातकालीन कक्ष, शल्य कक्ष, औषधि भंडार और एक्स-रे सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। चिकित्सकों से अस्पताल की आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। डीएम ने आरवीजी एक्सरे मशीन की तुरंत मरम्मत और अस्पताल भवन में लाइटिंग की समस्या के समाधान के लिए भी निर्देश दिए।

इस दौरान स्थानीय लोगों ने अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। क्षेत्रवासियों ने कहा कि चकराता जौनसार बाबर के सैकड़ों गांवों का केंद्र बिंदु है और प्रस्तावित नई जगह पर सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था नहीं है। जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि जनहित में जो भी उचित होगा, उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

डीएम ने लोक निर्माण विभाग को नए भवन निर्माण के लिए शीघ्र आकलन तैयार करने और ग्वासा पुल के समीप चिन्हित भूमि का जियोलॉजिकल सर्वे एवं मृदा परीक्षण कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एमके शर्मा, एसीएमओ डॉ दिनेश चौहान सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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