
भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि किरण शर्मा, जो पूर्व में जिला संयोजक (एनजीओ प्रकोष्ठ) के पद पर कार्यरत रह चुकी थीं, को पंचायत चुनाव 2025 में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने के गंभीर अनुशासनहीनता के चलते पहले ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किरण शर्मा वर्तमान में जिला पंचायत की सदस्य नहीं हैं। पंचायत चुनाव 2025 में उन्हें भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी मुन्नी ध्यानी ने पराजित किया था। ऐसे में किरण शर्मा का स्वयं को भाजपा से जुड़ा हुआ बताना पूरी तरह भ्रामक है।
भाजपा ने यह भी स्पष्ट किया कि किरण शर्मा न तो वर्तमान में पार्टी की नेत्री हैं और न ही संगठन से उनका कोई संबंध है। पार्टी का कहना है कि यदि उन्हें संगठन या किसी निर्णय को लेकर कोई असंतोष था, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि उन्होंने पहले पार्टी से ही चुनाव टिकट की मांग क्यों की।
टिकट न मिलने के बाद पार्टी के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ना और अब सोशल मीडिया के माध्यम से कथित इस्तीफे की जानकारी प्रसारित करना तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का प्रयास है। भाजपा ने इसे पूरी तरह अप्रासंगिक और जनता को भ्रमित करने वाला कदम बताया है।
पार्टी ने दोहराया कि किरण शर्मा के बयानों या सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही जानकारियों का भाजपा संगठन से कोई लेना-देना नहीं है और ऐसे प्रयासों का उद्देश्य केवल भ्रम फैलाना है।