Uncategorized

बर्ड फ्लू के डर से देहरादून में अंडा कारोबार आधा, लोगों में चिकन की खरीदारी में कमी

देहरादून : उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद देहरादून में अंडे और चिकन के कारोबार पर गहरा प्रभाव पड़ा है। लोगों के बीच बढ़ते डर के कारण अंडों की मांग आधी रह गई है, जबकि चिकन की खरीदारी में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

अंडा व्यापारी संजय चौहान के अनुसार, सामान्य दिनों में देहरादून में प्रतिदिन 8 से 10 हजार अंडों की ट्रे की आपूर्ति होती थी, लेकिन बर्ड फ्लू की आशंका के बाद यह मात्रा घटकर केवल 4 से 5 हजार ट्रे रह गई है। यह कमी लगभग 50 प्रतिशत की है, जो व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

देहरादून में अंडे और चिकन की आपूर्ति मुख्यतः बाहरी राज्यों से होती है। उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद लोगों में इन उत्पादों को लेकर झिझक बढ़ गई है। परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं ने अपनी खरीदारी में काफी कटौती कर दी है।

दिलचस्प बात यह है कि मांग में आई कमी के बावजूद देहरादून में अंडों के दाम स्थिर बने हुए हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि मांग में कमी के साथ-साथ प्रतिबंधों के कारण आपूर्ति में भी कमी आई है, जिससे बाजार में संतुलन बना हुआ है।

हालांकि, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अंडों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है। यह इंगित करता है कि डिजिटल मार्केट में स्थिति कुछ अलग है।

बर्ड फ्लू की खबरों के बाद स्थानीय लोगों का व्यवहार स्पष्ट रूप से बदल गया है। जो परिवार नियमित रूप से अंडे और चिकन का सेवन करते थे, वे अब इन उत्पादों से परहेज कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल व्यापारियों को प्रभावित कर रही है बल्कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर इसका असर दिख रहा है।

यदि बर्ड फ्लू के मामले बढ़ते रहे या इसका डर लोगों के मन में बना रहा, तो अंडा और चिकन उद्योग को और भी गंभीर नुकसान हो सकता है। व्यापारी इस स्थिति से निपटने के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button