देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
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बैठक के बाद सीएम धामी ने भरोसा दिलाया कि यात्रा के दौरान रसोई गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने एक वैकल्पिक योजना भी तैयार की है। उन्होंने बताया कि अगर कहीं गैस की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो वन निगम के माध्यम से यात्रा मार्गों पर जलाऊ लकड़ी की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को खाना बनाने में किसी तरह की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा सिर्फ आस्था का विषय नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन की रीढ़ भी है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित अनुभव मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, बिजली, शौचालय, पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन जैसी सभी जरूरी सुविधाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं।
सीएम धामी ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का असर पड़ सकता है, लेकिन राज्य सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने साफ किया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह मुस्तैद रहेंगी। साथ ही, यात्रा मार्गों पर ऐसे स्थान भी चिन्हित किए जा रहे हैं, जहां जरूरत पड़ने पर लकड़ी उपलब्ध कराई जा सके।
सरकार का कहना है कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की पहचान है, और इसे सफल बनाने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।