बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने की प्रक्रिया प्रारंभ
पंच पूजा के अंतर्गत आज गणेश जी के कपाट हुए बंद

बदरीनाथ धाम, 21 नवंबर: बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत पंच पूजाएं शुक्रवार से प्रारंभ हो गई हैं। परंपरा के अनुसार पहले दिन विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देर शाम गणेश जी के कपाट विधिवत रूप से बंद कर दिए गए। इससे पूर्व सुबह गणेश जी की प्रतिमा को उनके परिसर स्थित मंदिर से मुख्य मंदिर के गर्भगृह में दर्शनार्थ रखा गया और शाम 5 बजे गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट बंद करने की तैयारियां जारी हैं।
पंच पूजा प्रक्रिया के अंतर्गत रावल अंबरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल व वेदपाठी रविंद्र भट्ट एवं अमित बंदोलिया ने पूजा-अर्चना संपन्न की। इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, मुख्य कार्याधिकारी/कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि पंच पूजा के दूसरे दिन शनिवार को आदि केदारेश्वर और आदिगुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे। तीसरे दिन रविवार, 23 नवंबर को वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जाएगा। चौथे दिन 24 नवंबर को माता लक्ष्मी को आमंत्रण दिया जाएगा, जबकि 25 नवंबर को अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।